जालंधर धमाका कानून-व्यवस्था की पूरी नाकामी को उजागर करता है; केंद्र और राज्य दोनों जिम्मेदार



चंडीगढ़/जालंधर, 5 मई: जालंधर में Border Security Force मुख्यालय के पास हुआ धमाका बेहद चिंताजनक और गंभीर है। इतनी संवेदनशील जगह के पास खड़ी एक डिलीवरी स्कूटी में विस्फोट होना पंजाब की कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।




पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे मामले सिर्फ सामान्य कानून-व्यवस्था की विफलता नहीं हैं, बल्कि यह खुफिया तालमेल और सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी कमी को दिखाते हैं।

अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने घायल BSF अधिकारी के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और सुरक्षा बलों के साथ एकजुटता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि जब पंजाब के लोग डर और असुरक्षा में जी रहे हैं, तब आम आदमी पार्टी की सरकार शासन और जनता की सुरक्षा पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक दिखावे में लगी हुई है, जैसे कि विधायकों को राष्ट्रपति के सामने पेश करना। वहीं, भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। सीमा सुरक्षा और खुफिया जानकारी केंद्र के अधिकार में आती है, और BSF मुख्यालय के पास ऐसी घटना होना उनकी भी बड़ी विफलता को दिखाता है।

उन्होंने इस घटना की पूरी, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग की ताकि असली कारण सामने आए और जिम्मेदारी तय की जा सके। साथ ही, पंजाब के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत मजबूत करने की भी मांग की।

उन्होंने कहा, “पंजाब के लोगों को सुरक्षा, स्थिरता और जवाबदेह सरकार चाहिए—राजनीतिक दिखावा और आरोप-प्रत्यारोप नहीं।”

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