मुख्यमंत्री के बयान उनकी घबराहट और राजनीतिक हताशा का प्रमाण, कांग्रेस में घुटन और गुटबाजी चरम पर : सुरेश कश्यप
कांग्रेस डूबता हुआ जहाज़, मुख्यमंत्री हिटलरशाही से चला रहे सरकार; अपने मंत्री और नेता भी उपेक्षित : सुरेश कश्यप
शिमला। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा भारतीय जनता पार्टी पर की गई टिप्पणी को उनकी राजनीतिक बौखलाहट और हताशा का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस समय पूरी तरह बैकफुट पर हैं, इसलिए जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस प्रकार के अनर्गल और आधारहीन बयान दे रहे हैं।
सुरेश कश्यप ने कहा कि यदि किसी दल में आज सबसे अधिक घुटन का माहौल है तो वह कांग्रेस पार्टी है। मुख्यमंत्री सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से नहीं, बल्कि हिटलरशाही शैली में चला रहे हैं। स्थिति यह है कि कांग्रेस के अपने मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता भी अपने क्षेत्रों के कार्य नहीं करा पा रहे हैं। प्रदेश के अनेक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी निराशा है और वे स्वयं अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के भीतर समन्वय पूरी तरह समाप्त हो चुका है। कांग्रेस कई धड़ों में बंट चुकी है और सत्ता के लिए अंदरूनी संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। सरकार के निर्णय कुछ लोगों तक सीमित होकर रह गए हैं, जबकि जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है।
कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री को भाजपा पर टिप्पणी करने के बजाय प्रदेश की बदहाल आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, विकास कार्यों में आई रुकावट और जनता से किए गए अधूरे वादों का जवाब देना चाहिए। जनता कांग्रेस सरकार की कार्यशैली से पूरी तरह निराश हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक मजबूत, अनुशासित और राष्ट्रहित के लिए समर्पित संगठन है, जबकि कांग्रेस आज आंतरिक कलह और नेतृत्व संकट से जूझ रही है। कांग्रेस पार्टी अब एक डूबता हुआ जहाज़ बन चुकी है और आने वाले समय में जनता उसे पूरी तरह नकार देगी। हिमाचल प्रदेश की जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है और कांग्रेस सरकार की विदाई तय है।
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