पंजाब में AAP पर प्रगट सिंह और प्रताप बाजवा का हमला, बोले- डूबते जहाज से नेता छोड़ रहे साथ, भगवंत मान चौथी पार्टी में जाएंगे
पंजाब में AAP पर बरसे प्रगट सिंह और प्रताप बाजवा, बोले- डूब रही है सरकार की नाव, 40-45 नेता छोड़ सकते हैं पार्टी
प्रताप बाजवा का तंज- फ्लोर टेस्ट की जरूरत नहीं, जब फ्लोर ही नहीं रहा; बोले- भगवंत मान जाएंगे चौथी पार्टी में, प्रगट सिंह ने कहा- कई नेता भाजपा में होंगे शामिलचंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी के नेताओं के पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने भगवंत मान सरकार पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस विधायक प्रगट सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान आम आदमी पार्टी पर तीखे राजनीतिक हमले किए। प्रगट सिंह ने दावा किया कि AAP की नाव डूब रही है और आने वाले समय में कई नेता भाजपा में शामिल हो सकते हैं। वहीं, प्रताप बाजवा ने फ्लोर टेस्ट को लेकर तंज कसते हुए कहा कि टेस्टिंग की जरूरत नहीं है, जब फ्लोर ही नहीं रहा।
प्रगट सिंह बोले- AAP की नाव डूब रही, कई नेता जाएंगे भाजपा में
प्रगट सिंह ने कहा कि पंजाब में मौजूदा हालात ऐसे हैं कि तीन शव मोर्चरी में पड़े हैं, लेकिन उनका संस्कार नहीं हो पा रहा। उन्होंने राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की नाव डूब रही है। पहले ही पांच राज्यसभा सदस्य पार्टी छोड़ चुके हैं और अब खनन से जुड़े कई नेता भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव शुरू होते ही ईडी की कार्रवाई का खेल शुरू हो जाता है। प्रगट सिंह ने अपने साथियों से अपील की कि अब उन्हें आगे आकर मजबूती से लड़ाई लड़नी होगी।
कुंवर विजय प्रताप सिंह को लेकर उठाए सवाल
प्रगट सिंह ने कुंवर विजय प्रताप सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें कभी आम आदमी पार्टी का पोस्टर बॉय बनाया गया था, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने तक का मौका नहीं दिया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि अब कुंवर विजय प्रताप सिंह को बताना चाहिए कि मौर ब्लास्ट मामले को लेकर उन्हें किसने रोका था।
प्रगट सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी में अब कई नेता पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो नेता पार्टी में रहते हुए अपनी बात नहीं रख सके, कांग्रेस भी ऐसे लोगों को अपने साथ नहीं लेगी।
जोड़माजरा और पठानमाजरा पर भी लगाए आरोप
प्रगट सिंह ने जोड़माजरा और विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को लेकर भी खनन गतिविधियों से जुड़े आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि दोनों नेता माइनिंग करते रहे हैं। इन आरोपों पर संबंधित नेताओं का पक्ष सामने आना बाकी है।
प्रताप बाजवा बोले- AAP में एकनाथ शिंदे जैसी स्थिति
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि वह पहले से ही आम आदमी पार्टी की स्थिति को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने इसकी तुलना महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम से की।
बाजवा ने कहा कि जब उनसे पूछा जाता था कि कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं को पार्टी क्या देगी, तब उनका जवाब था कि उनके पास देने के लिए कुछ नहीं है।
कुंवर विजय प्रताप और भाजपा-अकाली गठबंधन पर सवाल
प्रताप बाजवा ने कुंवर विजय प्रताप सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें AAP में पोस्टर बॉय बनाया गया था, लेकिन उन्हें पर्याप्त समय और अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया।
उन्होंने दावा किया कि कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पार्टी में शामिल होने से पहले उनसे बातचीत की थी। उस समय उन्होंने कुंवर को समझाया था कि उनकी नौकरी के 13 साल बाकी हैं और उन्हें राजनीतिक रास्ते पर आने से पहले विचार करना चाहिए।
बाजवा ने भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के संभावित गठबंधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले अकेले चुनाव लड़ने की बात करती थी, लेकिन अब सुखबीर सिंह बादल के साथ गठबंधन की चर्चाएं हो रही हैं।
फ्लोर टेस्ट पर प्रताप बाजवा का तंज- जब फ्लोर ही नहीं रहा तो टेस्टिंग कैसी?
पंजाब सरकार के फ्लोर टेस्ट को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रताप सिंह बाजवा ने तंज कसते हुए कहा, "टेस्टिंग की जरूरत नहीं, जब फ्लोर ही नहीं रहा।"
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि भगवंत मान चौथी पार्टी में जाएंगे। बाजवा की इस टिप्पणी के बाद पंजाब की सियासत में राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
बोले- 40 से 45 नेता छोड़ सकते हैं AAP
प्रताप बाजवा ने पंजाब के लोगों से अपील करते हुए आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने ऐसे नेताओं को बिकाऊ माल करार दिया।
बाजवा ने दावा किया कि आने वाले समय में कई और नेता आम आदमी पार्टी छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन छोटा जहाज आएगा, उस दिन 40 से 45 नेता पार्टी छोड़ने के लिए तैयार हो जाएंगे।
कांग्रेस नेताओं के इन बयानों के बाद पंजाब में आम आदमी पार्टी, भाजपा और अकाली दल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों और दावों पर संबंधित नेताओं का पक्ष सामने आना बाकी है।

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