फाइलों के पीछे रिश्ते: हरियाणा–पंजाब में 66 से अधिक IAS-IPS अधिकारी आपस में विवाहित

हरियाणा और पंजाब की प्रशासनिक व्यवस्था में फाइलों, पोस्टिंग और नीतिगत फैसलों के पीछे वर्षों से एक ऐसा पैटर्न उभरता रहा है, जो अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। अब तक दोनों राज्यों में कम से कम 66 आईएएस और आईपीएस अधिकारी आपस में विवाहित हैं। यह देश में सिविल सेवा से जुड़े दंपतियों के सबसे बड़े ज्ञात समूहों में से एक माना जा रहा है। 
द इंडियन एक्सप्रेस ने 19 जनवरी 2026 को छापी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस प्रवृत्ति को और भी उल्लेखनीय बनाता है यह तथ्य कि कई अधिकारियों ने अपने जीवनसाथी के साथ एक ही स्थान पर सेवा करने के लिए अंतर-कैडर (इंटर-कैडर) ट्रांसफर की मांग की या अपने मूल कैडर से दूसरे राज्य में स्थानांतरण कराया। नियमों के तहत विशेष परिस्थितियों में ऐसे स्थानांतरण की अनुमति है, लेकिन इस क्षेत्र में इसका बड़ा पैमाना नौकरशाही और राजनीतिक हलकों में कैडर प्रबंधन, संस्थागत संतुलन और शासन में ‘पावर कपल्स’ की बढ़ती मौजूदगी को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।

द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
“यह संख्या 66 से भी अधिक हो सकती है, लेकिन यह समूह बनना न तो संयोग है और न ही अवैध। आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के अंतर-कैडर स्थानांतरण ऑल इंडिया सर्विसेज (कैडर) नियमों के तहत होते हैं। किसी अन्य आईएएस, आईपीएस या आईएफएस अधिकारी से विवाह स्थानांतरण का एक मान्य आधार है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें जरूरी होती हैं—सेवा में पुष्टि, दोनों राज्य सरकारों की सहमति और केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी।”

उन्होंने आगे कहा,
“आमतौर पर किसी अधिकारी के पूरे करियर में एक बार ही ऐसा स्थानांतरण मंजूर किया जाता है, ताकि पारिवारिक एकता और प्रशासनिक जरूरतों के बीच संतुलन बना रहे। इसके अलावा, हाल के वर्षों में केंद्र सरकार ने बिना कैडर बदले एक ही राज्य में ‘स्पाउस पोस्टिंग’ को भी बढ़ावा दिया है, खासकर युवा अधिकारियों के लिए।”


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हरियाणा: जहां कैडर एकत्र होते हैं

हरियाणा में यह प्रवृत्ति तीन दशकों की सेवा अवधि तक फैली हुई है। सबसे वरिष्ठ दंपतियों में 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी नवदीप सिंह शामिल हैं, जो करनाल के मूल निवासी हैं और वर्तमान में हरियाणा स्टेट एनफोर्समेंट ब्यूरो में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) और विजिलेंस निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। उनकी पत्नी कला रामचंद्रन, जो 1994 बैच की ही आईपीएस अधिकारी हैं और मूल रूप से तमिलनाडु कैडर से थीं, वर्तमान में मधुबन स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी की निदेशक हैं।

इसी तरह 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी संदीप खिरवार, जो इस समय केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, और उनकी पत्नी चारु बाली, जो भोंडसी स्थित रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग सेंटर में ADGP के पद पर कार्यरत हैं, एक और चर्चित जोड़ा हैं।

युवा अधिकारियों में विवाह के बाद कैडर बदलने की प्रवृत्ति और भी स्पष्ट है। आईपीएस अधिकारी आस्था मोदी (2013 बैच, हरियाणा कैडर) का विवाह आईएएस अधिकारी पार्थ गुप्ता (AGMUT कैडर) से हुआ, जिन्होंने विवाह के बाद हरियाणा कैडर में स्थानांतरण कराया।

आईएएस अधिकारी अनुपमा अंजलि (2018 बैच) ने आंध्र प्रदेश कैडर से हरियाणा में स्थानांतरण अपने विवाह के बाद किया। उनके पति हर्षित कुमार (2020 बैच आईएएस) हरियाणा कैडर से हैं।

2019 बैच के कई अधिकारियों ने भी इसी तरह के कदम उठाए। आईपीएस अधिकारी हिमाद्री कौशिक (2019 बैच) का विवाह आईएएस अधिकारी आयुष सिन्हा (2019 बैच) से हुआ। आईएएस अधिकारी रेनू सोगन (2019 बैच) ने पश्चिम बंगाल कैडर से हरियाणा में स्थानांतरण अपने पति हितेश मीणा (2019 बैच आईएएस, हरियाणा कैडर) से विवाह के बाद कराया। आईएएस अधिकारी डॉ. बलप्रीत सिंह (2019 बैच) ने केरल कैडर से हरियाणा में स्थानांतरण किया; उनकी पत्नी उपासना 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं।

हालिया बैचों में यह रुझान और तेज हो गया है। आईएएस अधिकारी शांतनु शर्मा (2020 बैच) ने असम–मेघालय कैडर से हरियाणा में स्थानांतरण किया, जबकि उनकी पत्नी सी. जयश्रद्धा (2020 बैच आईएएस) हरियाणा कैडर की अधिकारी हैं।

आईएएस अधिकारी राहुल मोदी (2020 बैच) ने सितंबर 2023 में त्रिपुरा कैडर से हरियाणा में स्थानांतरण कराया। उनकी पत्नी हरियाणा कैडर की आईपीएस अधिकारी दीप्ति गर्ग हैं। सबसे हालिया उदाहरण में आईएएस अधिकारी उत्सव आनंद (2022 बैच) ने उत्तर प्रदेश कैडर से हरियाणा में स्थानांतरण कराया; उनकी पत्नी उनकी ही बैचमेट आईएएस अधिकारी अंजलि श्रोत्रिया हैं।

शीर्ष स्तर के अधिकारियों में 1991 बैच के आईएएस अधिकारी वी. उमाशंकर अपनी पत्नी दीप्ति उमाशंकर के साथ, जबकि 1991 बैच के ही आईएएस अधिकारी अभिलाक्ष लिखी 1993 बैच की आईएएस अधिकारी सुकृति वोहरा लिखी के साथ विवाहित हैं।

इसी तरह आईएएस अधिकारी आशिमा बराड़ (2004 बैच) का विवाह आईएएस अधिकारी मंदीप सिंह बराड़ (2005 बैच) से हुआ है, जबकि आईएएस अधिकारी ए. श्रीनिवास (2004 बैच) की पत्नी मोना ए. श्रीनिवास (2006 बैच आईएएस) हैं।


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पंजाब: सत्ता के केंद्र में ‘पावर कपल्स’

पंजाब की नौकरशाही भी इस प्रवृत्ति को दर्शाती है—और कई मामलों में इसे और आगे बढ़ाती है—जहां कई अधिकारी दंपति एक साथ सचिवालय, जिला प्रशासन और पुलिस के शीर्ष पदों पर तैनात हैं।

सबसे ऊपरी स्तर पर तेजवीर सिंह (आईएएस, 1994 बैच), जो तकनीकी शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं, और उनकी पत्नी जसप्रीत कौर (आईएएस, 1995 बैच), जो खनन और योजना विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं।

एक अन्य वरिष्ठ जोड़ा राहुल भंडारी (आईएएस, 1997 बैच), प्रधान सचिव, पशुपालन विभाग, और उनकी पत्नी राखी गुप्ता भंडारी (आईएएस, 1997 बैच), प्रधान सचिव, फूड प्रोसेसिंग विभाग हैं।

मध्य और वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों में अजीत बालाजी जोशी (आईएएस, 2003 बैच), ग्रामीण विकास और कराधान विभाग के सचिव, अपनी पत्नी गौरी पराशर (आईएएस, 2009 बैच), सामान्य प्रशासन विभाग की सचिव के साथ कार्यरत हैं। शिक्षा सचिव अनिंदिता मित्रा (आईएएस, 2007 बैच) का विवाह डॉ. एस. करुणा राजू (आईएएस, 1998 बैच) से हुआ है, जो वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं।

कई दंपति राज्य और केंद्र—दोनों स्तरों पर तैनात हैं। अजय शर्मा (आईएएस, 1999 बैच), जो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, उनकी पत्नी भावना गर्ग (आईएएस, 1999 बैच) पंजाब में जेल विभाग की प्रधान सचिव हैं। कविता सिंह (आईएएस, 2004 बैच) और बी. पुरुषार्थ (आईएएस, 2002 बैच) दोनों केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इसी तरह अदप्पा कार्तिक और रूपांजलि कार्तिक (दोनों आईएएस, 2008 बैच) भी केंद्र में सेवाएं दे रहे हैं।

पंजाब में जिला प्रशासन में भी ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जहां विवाहित अधिकारी एक साथ प्रमुख जिलों की कमान संभाल रहे हैं। हिमांशु अग्रवाल (आईएएस, 2014 बैच) जालंधर के डिप्टी कमिश्नर हैं, जबकि उनकी पत्नी कोमल मित्तल (आईएएस, 2014 बैच) मोहाली की डिप्टी कमिश्नर हैं। आशिका जैन (आईएएस, 2015 बैच) होशियारपुर की डिप्टी कमिश्नर हैं, जबकि उनके पति हिमांशु जैन (आईएएस, 2016 बैच) लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर हैं।

आईएएस–आईपीएस विवाह भी खासे चर्चित हैं। गिरीश दयालन (आईएएस, 2011 बैच), रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, का विवाह अवनीत कोंडल (आईपीएस, 2012 बैच) से हुआ है, जो वर्तमान में बठिंडा की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हैं। जालंधर की पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर (आईपीएस, 2006 बैच) का विवाह मंदीप सिंह रंधावा (आईपीएस, 2006 बैच, दिल्ली यूटी कैडर) से हुआ है, जो फिलहाल केंद्रीय मंत्रालय में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। कपूरथला के एसएसपी गौरव तोरा (आईपीएस, 2014 बैच) की पत्नी पलवी (आईएएस, 2015 बैच) पठानकोट की डिप्टी कमिश्नर हैं।

चुनौतियां और कैडर मैनेजमेंट

IAS-IPS दंपतियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ‘कैडर पोस्टिंग’ की होती है. केंद्र सरकार की ‘कपल पॉलिसी’ के तहत कोशिश की जाती है कि पति-पत्नी को एक ही राज्य में पोस्टिंग मिले. हालांकि, कई बार उन्हें अलग-अलग शहरों में रहना पड़ता है. यह दूरी उनके रिश्तों की परीक्षा लेती है, लेकिन वे वीडियो कॉल और सीमित छुट्टियों के जरिए इस दूरी को पाटते हैं. पंजाब और हरियाणा के ये अधिकारी अपनी व्यस्तता के बीच बच्चों की परवरिश और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रहे हैं.

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