पंजाब / चंडीगढ़ , 23 जुलाई: ट्राइडेंट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में आय, लाभ और परिचालन प्रदर्शन के मोर्चे पर मजबूत वृद्धि दर्ज करते हुए अपने कारोबार की मजबूती और दक्षता का परिचय दिया है।
कंपनी की कंसोलिडेटेड कुल आय बढ़कर 1,803 करोड़ रुपये रही, जो पिछली तिमाही की तुलना में 9 प्रतिशत तथा साल-दर-साल की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक है। वहीं ईबीआईटीडीए पिछली तिमाही के मुकाबले 27 प्रतिशत बढ़कर 316 करोड़ रुपये पहुंच गया। नेट प्रॉफिट भी 13 प्रतिशत की साल-दर-साल वृद्धि के साथ 158 करोड़ रुपये रहा, जो तिमाही-दर-तिमाही 55% की शानदार ग्रोथ दिखाता है।
तिमाही के दौरान कंपनी का टैक्स से पहले प्रॉफिट (पीबीटी) बढ़कर 216 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 15.2 प्रतिशत अधिक है। पीबीटी मार्जिन बढ़कर लगभग 11.99 प्रतिशत पर पहुंच गया, जो कंपनी की बेहतर लागत नियंत्रण, परिचालन दक्षता और मजबूत कारोबारी रणनीति को दर्शाता है।
वित्तीय स्थिति भी मजबूत बनी रही। कंपनी का नेट डेट/ईबीआईटीडीए अनुपात 0.83 गुना, नेट डेट/इक्विटी अनुपात 0.22 गुना रहा, जबकि कुल नेट डेट 1,025 करोड़ रुपये रही।
कंपनी के वित्तीय परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री दीपक नंदा, मैनेजिंग डायरेक्टर, ट्राइडेंट लिमिटेड ने कहा कि, पहली तिमाही के परिणाम कंपनी की परिचालन क्षमता और अनुशासित प्रबंधन का प्रमाण हैं। बेहतर यार्न कीमतों, प्रभावी लागत नियंत्रण तथा परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग से लाभप्रदता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में हो रहे बदलाव के कारण भारत के लिए निर्यात के नए अवसर बन रहे हैं और ट्राइडेंट अपनी एकीकृत विनिर्माण क्षमता, विविध उत्पाद श्रृंखला तथा मजबूत वैश्विक उपस्थिति के बल पर इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
कारोबारी प्रदर्शन की बात करें तो तिमाही के दौरान यार्न कारोबार से 954 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू रिकॉर्ड किया, होम टेक्सटाइल कारोबार से 941 करोड़ रुपये तथा पेपर और केमिकल्स कारोबार से 297 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू प्राप्त हुआ, जो ट्राइडेंट के डाइवर्सिफाइड बिजनेस पोर्टफोलियो की मजबूती को दिखाता है।
कंपनी ने बताया कि बेहतर उत्पादकता, लागत दक्षता और परिचालन प्रबंधन के कारण आय और मुनाफे दोनों में निरंतर सुधार देखने को मिला है। आने वाले समय में वैश्विक बाजारों में मांग बढ़ने और भारत को विश्वसनीय आपूर्ति साझेदार के रूप में मिल रही स्वीकार्यता से कंपनी को दीर्घकालिक विकास की उम्मीद है।
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