केंद्र ने पंजाब को आरडीएफ और एमडीएफ के रूप में ₹4,134 करोड़ प्रदान किए : सांसद साहनी

दिल्ली: पिछले तीन वर्षों के दौरान पंजाब के किसानों को एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के तहत धान की खरीद के लिए ₹1.18 लाख करोड़ से अधिक तथा गेहूं की खरीद के लिए लगभग ₹88,700 करोड़ का भुगतान किया गया है, जो देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में पंजाब की महत्वपूर्ण भूमिका को पुनः स्थापित करता है। यह आंकड़े उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी के संसदीय प्रश्न के उत्तर में प्रदान किए गए।

डॉ. साहनी ने जानकारी दी कि इस खरीद के परिणामस्वरूप पिछले तीन वर्षों में पंजाब सरकार को ग्रामीण विकास निधि (RDF) और मंडी शुल्क (MDF) के रूप में ₹4,134 करोड़ प्राप्त हुए, जो राज्य में विकास कार्यों हेतु पूंजीगत व्यय के लिए देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में सर्वाधिक है।

डॉ. साहनी ने आगे मांग की कि पंजाब सरकार को तत्काल प्रभाव से मूंग की एमएसपी पर खरीद पुनः प्रारंभ करनी चाहिए, जो वर्ष 2024 से प्रभावी रूप से बंद पड़ी है। उन्होंने कहा कि मूंग का एमएसपी ₹8,780 प्रति क्विंटल निर्धारित है लेकिन पंजाब के किसान वर्तमान में अपनी उपज निजी व्यापारियों को ₹6,500 से ₹7,300 प्रति क्विंटल की दर से बेचने के लिए मजबूर हैं।
डॉ. साहनी ने आगे बताया कि पंजाब में अतिरिक्त 28.64 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) की कवर स्टोरेज क्षमता का निर्माण किया गया है तथा केंद्र सरकार द्वारा 9.25 एलएमटी क्षमता वाले आधुनिक साइलो पूरे किए जा चुके हैं, जबकि 18 एलएमटी क्षमता के साइलो निर्माणाधीन हैं, जिससे पंजाब की भंडारण क्षमता संबंधी समस्या का समाधान होगा।

डॉ. साहनी ने जोर देते हुए कहा कि यह स्थिति किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने से हतोत्साहित कर रही है और पंजाब की गेहूं-धान चक्र पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य को विफल कर रही है। उन्होंने पंजाब सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने, मूंग एवं अन्य फसलों की एमएसपी पर खरीद शुरू करने तथा वैकल्पिक फसलों को एमएसपी लाभ देने की अपनी प्रतिबद्धता को किसानों के हित में पूरा करने का आग्रह किया।

Comments