हिमाचल प्रदेश और टाई चंडीगढ़ मिलकर उत्तर भारत का सबसे मजबूत नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम बना सकते हैं: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू
चंडीगढ़, 18 जुलाई 2026: उत्तर भारत के प्रमुख उद्यमी संगठनों में से एक टाई,चंडीगढ़ ने हयात रीजेंसी, चंडीगढ़ में अपना लीडरशिप कॉन्क्लेव और 23वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) आयोजित की। इस कार्यक्रम में 300 से अधिक उद्यमी, स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, नीति निर्माता, शिक्षाविद और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हुए।
लीडरशिप कॉन्क्लेव में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
पिछले दो दशकों में टाई चंडीगढ़ ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ में स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चैप्टर ने मेंटरशिप, निवेशकों से जुड़ने के अवसर, इनक्यूबेशन सपोर्ट, ज्ञान साझा करने के कार्यक्रम, नीतिगत सुझाव और नेतृत्व विकास जैसी कई पहल के माध्यम से स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाया है। टाई चंडीगढ़ ने नए उद्यमियों को सफल व्यवसायियों, एंजेल इन्वेस्टर्स, वेंचर कैपिटल फर्मों, कॉरपोरेट कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों से जोड़ने का भी काम किया है।
मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए टाई चंडीगढ़ के प्रेसिडेंट पुनीत वर्मा ने कहा कि हमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का स्वागत करते हुए गर्व हो रहा है। हिमाचल प्रदेश बेहतर नीतियों, मजबूत डिजिटल ढांचे और पर्यटन, एग्री-टेक, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवाओं, विनिर्माण, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में बढ़ते अवसरों के कारण नवाचार आधारित निवेश का उभरता हुआ केंद्र बन रहा है।
उन्होंने कहा कि टाई चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ मिलकर उद्यमियों, स्टार्टअप्स और निवेशकों को राज्य में कारोबार शुरू करने और विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहता है, ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा हों और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा मिले।
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने, तकनीक आधारित प्रशासन, उद्यमिता को बढ़ावा देने और निवेश अनुकूल नीतियों के कारण हिमाचल प्रदेश में नवाचार के बड़े अवसर मौजूद हैं। टाई चंडीगढ़ स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन देने, निवेश उपलब्ध कराने और नवाचार को बढ़ावा देने में एक मजबूत भागीदार बन सकता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने संबोधन में उत्तर भारत में उद्यमिता की संस्कृति विकसित करने में टाई चंडीगढ़ के योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा, "टाई चंडीगढ़ लीडरशिप कॉन्क्लेव में शामिल होकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। मैं टाई चंडीगढ़ परिवार को बधाई देता हूं, जिसने नवाचार, उद्यमिता और नेतृत्व के क्षेत्र में इस क्षेत्र का एक प्रभावशाली मंच तैयार किया है।"
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से टाई चंडीगढ़ के प्रेसिडेंट पुनीत वर्मा की सराहना की, जो हिमाचल प्रदेश के पालमपुर से हैं।
उन्होंने कहा कि यह हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि हमारे प्रदेश के बेटे ने उत्तर भारत के सबसे सक्रिय उद्यमी संगठनों में से एक का सफल नेतृत्व किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार स्टार्टअप्स, तकनीकी कंपनियों और युवा उद्यमियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नवाचार को बढ़ावा देने, डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत करने, आईटी ढांचे का विस्तार करने और नीतिगत सहयोग, इनक्यूबेशन, कौशल विकास तथा निवेश को बढ़ावा देकर स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बना रही है। कृषि, बागवानी, फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन, वेलनेस, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश में बड़ी संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवाओं में प्रतिभा और नए विचारों की कोई कमी नहीं है। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता, इनक्यूबेशन और बाजार से जुड़ने का अवसर मिले तो हिमाचल प्रदेश देश का प्रमुख नवाचार केंद्र बन सकता है।
टाई चंडीगढ़ के साथ मिलकर काम करने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं टाई चंडीगढ़ को हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ स्टार्टअप मेंटरशिप, निवेशक संपर्क कार्यक्रम, विश्वविद्यालयों में नवाचार, इनक्यूबेशन सेंटर, उद्यमिता विकास, फैकल्टी विकास और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में मिलकर काम करने का आमंत्रण देता हूं। हम मिलकर ऐसा मजबूत क्षेत्रीय इकोसिस्टम तैयार कर सकते हैं, जो युवाओं को नए अवसर दे और नवाचार आधारित आर्थिक विकास को गति प्रदान करे।
कॉन्क्लेव के दौरान टाई चंडीगढ़ ने प्रेसिडेंट पुनीत वर्मा के नेतृत्व में पिछले एक वर्ष की अपनी उपलब्धियां भी प्रस्तुत कीं। इस दौरान संगठन ने स्टार्टअप मेंटरशिप कार्यक्रम, लीडरशिप फोरम, निवेशक संपर्क सत्र, महिला उद्यमिता कार्यक्रम, नेटवर्किंग मंच, ज्ञानवर्धक कार्यशालाएं और उद्योग जगत के साथ संवाद जैसे कई प्रभावी कार्यक्रम आयोजित किए।
इस वर्ष कॉन्क्लेव का विषय था ‘स्ट्रेनगथेनिंग पार्टनेरशिप्स, एडवांसिंग एंटरप्रेन्योरशिप’ ("साझेदारी को मजबूत बनाना, उद्यमिता को आगे बढ़ाना")। इसका उद्देश्य सरकार, उद्योग, निवेशकों, शिक्षण संस्थानों और उद्यमियों के बीच सहयोग बढ़ाकर उत्तर भारत में नवाचार और आर्थिक विकास को गति देना था।
कार्यक्रम में 300 से अधिक उद्यमियों ने भाग लिया, जिनमें 40 से अधिक महिला उद्यमी भी शामिल थीं। इसके अलावा स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, नीति निर्माता और टाई चंडीगढ़ के सदस्य भी मौजूद रहे। एजीएम का समापन चैप्टर अवॉर्ड समारोह के साथ हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने विभिन्न सदस्यों को सम्मानित किया। इसके बाद नेटवर्किंग डिनर का आयोजन किया गया।
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ब्रह्म अलरेजा बने टाई चंडीगढ़ के नए प्रेसिडेंट, 2026–27 की नई गवर्निंग काउंसिल की घोषणा
टाई चंडीगढ़ ने वर्ष 2026–27 के लिए ब्रह्म अलरेजा को अपना नया प्रेसिडेंट नियुक्त करने की घोषणा की। वह लंबे समय से टाई चंडीगढ़ से जुड़े हुए हैं और इससे पहले चैप्टर के वाईस प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं। उन्होंने मेंटरशिप, नेटवर्किंग और स्टार्टअप्स को सहयोग देने के माध्यम से क्षेत्र में उद्यमिता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
ब्रह्म अलरेजा एक सफल उद्यमी हैं। वह इनोवेटिव इंसेंटिव्स एंड रिवार्ड्स प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर एवं डायरेक्टर तथा रेफरेंस रिवार्ड्स के को-फाउंडर हैं। उनकी कंपनियां ग्राहक जुड़ाव, लॉयल्टी प्रोग्राम और व्यवसाय विकास से जुड़े समाधान उपलब्ध कराती हैं। वर्ष 2026-27 के लिए नई गवर्निंग काउंसिल (जीसी) की भी घोषणा की गई। इसमें पुनीत वर्मा, रितिका सिंह, मोहित बंसल, सुमित सिंह, जसविंदर सिंह, अद्वैत उपाध्याय, राजीव शर्मा, सुमेध सचदेव, डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता, कमलदीप सिंह, अनुराग मोहिंद्रा और संदीप सक्सेना को सदस्य बनाया गया।
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