रावण दहन के बाद लकड़ी लूटने को लेकर मची अफरा-तफरी

यमुनानगर: बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व यमुनानगर में धूमधाम से मनाया गया। दशहरा ग्राउंड में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों के दहन को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। तीनों पुतले 40-40 फीट ऊंचे बनाए गए थे। हालांकि, रावण दहन के बाद जली हुई लकड़ी और पुतलों के अवशेष उठाने को लेकर मैदान में अफरा-तफरी मच गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं।

हजारों लोगों ने देखा रावण दहन

यमुनानगर के दशहरा ग्राउंड में दशहरे के अवसर पर उत्सव का माहौल रहा। बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों के साथ रावण दहन देखने पहुंचे। मैदान में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के 40-40 फीट ऊंचे पुतले तैयार किए गए थे। पुतला दहन के साथ ही लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया।

सुरक्षा के लिए तैनात रहा पुलिस बल

कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दशहरा ग्राउंड में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। पुतला दहन तक व्यवस्था बनी रही, लेकिन इसके बाद हालात बदलने लगे।

जली हुई लकड़ी उठाने को लेकर बिगड़ी व्यवस्था


रावण दहन के बाद कुछ लोग जली हुई लकड़ी और पुतलों के अवशेष उठाने के लिए मैदान में पहुंचने लगे। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई और अव्यवस्था का माहौल बन गया। भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं। इस दौरान मैदान में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली।

उत्सव के बीच अव्यवस्था बनी चर्चा का विषय

दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के संदेश के साथ संपन्न हुआ, लेकिन पुतला दहन के बाद लकड़ी उठाने को लेकर हुई अफरा-तफरी भी चर्चा का विषय बन गई। हजारों लोगों की मौजूदगी वाले इस आयोजन में पुतला दहन के बाद भीड़ को नियंत्रित करना पुलिस के लिए चुनौती बना रहा।

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