फरीदाबाद के NIT दशहरा मैदान में धूमधाम से मनाया गया दशहरा, कृष्णपाल गुर्जर ने किया रावण दहन

हजारों की संख्या में पहुंचे लोग, विधायक धनेश अदलखा और मंदिर प्रधान राजेश भाटिया ने पगड़ी पहनाकर व गदा भेंट कर केंद्रीय राज्य मंत्री का किया स्वागत

फरीदाबाद: फरीदाबाद के NIT दशहरा मैदान में सिद्ध पीठ हनुमान मंदिर और सहयोगी संस्थाओं के सौजन्य से दशहरे का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में लोग दशहरा उत्सव में शामिल हुए और जय श्रीराम के जयकारों से पूरा मैदान गूंज उठा। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर मुख्य रूप से पहुंचे। उन्होंने मंच से तीर-कमान चलाकर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया।

पगड़ी पहनाकर और गदा भेंट कर किया स्वागत

दशहरा उत्सव में पहुंचे केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर का क्षेत्र के विधायक धनेश अदलखा और सिद्ध पीठ हनुमान मंदिर के प्रधान राजेश भाटिया ने पगड़ी पहनाकर और गदा भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान श्रीराम के जयकारे लगाते हुए बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रावण दहन को देखा।

अच्छाई और सच्चाई के मार्ग पर चलने वालों की होती है जीत: कृष्णपाल गुर्जर

केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने मंच से क्षेत्रवासियों को दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इतिहास गवाह है कि जो लोग अच्छाई और सच्चाई के मार्ग पर चलते हैं, उन्हें हमेशा विजय प्राप्त होती है, जबकि बुराई के रास्ते पर चलने वालों का अंत अच्छा नहीं होता।

उन्होंने कहा कि भारत भगवान श्रीराम की धरती है और देश उनके आदर्शों तथा दिखाए गए मार्ग से प्रेरणा लेता है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की सीख देता है।

प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपनाने का आह्वान

कृष्णपाल गुर्जर ने लोगों से अपील की कि वे भगवान श्रीराम के दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लें और अपने जीवन में अच्छे विचारों व सकारात्मक मूल्यों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि दशहरे का पर्व केवल पुतला दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त कर अच्छाई को अपनाने की प्रेरणा भी देता है।

NIT दशहरा मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों के दहन के साथ उत्सव संपन्न हुआ। हजारों लोगों की मौजूदगी और जय श्रीराम के उद्घोष के बीच दशहरे का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।

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