झारखंड में रोजगार मांग रहे युवाओं पर लाठियां बरसा रही कांग्रेस-JMM सरकार, राहुल गांधी की छात्र हितैषी राजनीति का दोहरा चेहरा देश के सामने बेनकाब : डॉ. राजीव बिंदल

दिल्ली में छात्रों के नाम पर राजनीति और झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज—राहुल गांधी बताएं, कांग्रेस शासित व्यवस्था में युवाओं की आवाज दबाना कौन सा लोकतंत्र है : डॉ. राजीव बिंदल

शिमला, 11 अगस्त। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने झारखंड में रोजगार और अपने अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रांची की सड़कों पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे निहत्थे युवाओं पर जिस प्रकार कार्रवाई की गई, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। भाजपा इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करती है और झारखंड के युवाओं एवं छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है।



डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदर्शनकारी युवाओं के रास्ते में कंटीले तार लगाए गए, आंसू गैस के गोले छोड़े गए, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और लाठीचार्ज किया गया। संलग्न टॉकिंग पॉइंट्स में यह भी उल्लेख है कि कई छात्रों ने छात्राओं के कपड़े फाड़े जाने की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि यदि युवा रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और अपने भविष्य से जुड़े सवाल भी लोकतांत्रिक तरीके से नहीं उठा सकते तो कांग्रेस को बताना चाहिए कि उसके लिए लोकतंत्र की परिभाषा क्या है?


उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन पर राजनीतिक बयान देने वाले राहुल गांधी को झारखंड के छात्रों की आवाज क्यों सुनाई नहीं देती? कांग्रेस और उसके नेता केवल वहां छात्र हितों की बात करते हैं जहां उन्हें राजनीतिक लाभ दिखाई देता है, जबकि अपनी सहयोगी सरकार के खिलाफ युवा सड़क पर उतरें तो वही संवेदनशीलता गायब हो जाती है। यही कांग्रेस की “सुविधा की राजनीति” है।


डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस को देश के युवाओं को यह जवाब देना चाहिए कि अपने भविष्य और अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना क्या अपराध है? भाजपा मांग करती है कि झारखंड में छात्रों के साथ हुई कार्रवाई को लेकर कांग्रेस अपना रुख स्पष्ट करे और राहुल गांधी तथा कांग्रेस पार्टी अपने दोहरे रवैये के लिए देश के युवाओं से माफी मांगें।


उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार मुद्दे बदलकर देश को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। संलग्न टॉकिंग पॉइंट्स के अनुसार पहले शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, फिर संसद में NEET पर चर्चा और उसके बाद जंतर-मंतर के घटनाक्रम पर गृह मंत्री के बयान की मांग की गई। केंद्र सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ कानून को और सख्त किया तथा सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि गृह मंत्री सदन में सवालों का जवाब देंगे।


डॉ. बिंदल ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल भी होंगे और उनके जवाब भी होंगे, लेकिन चर्चा से भागकर केवल भ्रम पैदा करना विपक्ष की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। राहुल गांधी आरोप लगाते हैं तो उन्हें तथ्यों पर चर्चा करने का साहस भी दिखाना चाहिए। भाजपा की स्पष्ट चुनौती है कि सदन में चर्चा हो, तथ्य सामने आएं और देश स्वयं तय करे कि सच क्या है और राजनीतिक भ्रम क्या है।


उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस स्वयं को युवाओं और छात्रों की सबसे बड़ी हितैषी बताती है, दूसरी तरफ झारखंड में उसकी सहयोगी सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर निकले छात्रों को बलपूर्वक रोकने के आरोप सामने आते हैं। कांग्रेस का यह दोहरा चरित्र अब देश के युवाओं से छिपा नहीं है। भाजपा झारखंड के युवाओं की न्यायोचित मांगों के साथ खड़ी है और कांग्रेस-JMM सरकार से मांग करती है कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।


डॉ. बिंदल ने कहा—“राहुल गांधी जी, देश के युवाओं को राजनीतिक सुविधा के चश्मे से देखना बंद कीजिए। दिल्ली के छात्र आपको दिखाई देते हैं तो झारखंड के छात्रों का दर्द भी दिखाई देना चाहिए। सवाल उठाए हैं तो चर्चा से मत भागिए, सदन में तथ्यों का सामना कीजिए और देश के युवाओं को जवाब दीजिए।”

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