बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर CM भगवंत मान के साथ होने वाली बैठक में शामिल नहीं होंगे करनैल सिंह पंजोली, जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ने नहीं दी अनुमति

चंडीगढ़, 11 अक्टूबर 2026: बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे को लेकर 12 अक्टूबर को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ होने वाली कौमी इंसाफ मोर्चा की बैठक में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सदस्य करनैल सिंह पंजोली शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने उन्हें बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी है।

करनैल सिंह पंजोली के अनुसार, बंदी सिंहों की रिहाई के मामले पर 12 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1 बजे पंजाब भवन, चंडीगढ़ में कौमी इंसाफ मोर्चा की मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ बैठक प्रस्तावित है। मोर्चे का हिस्सा होने के कारण उन्हें भी इस बैठक में शामिल होने के लिए कहा गया था।

उन्होंने बताया कि SGPC सदस्य होने के नाते उन्होंने बैठक में शामिल होने से पहले श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से अनुमति मांगी थी। हालांकि, जत्थेदार साहिब ने उन्हें बैठक में शामिल होने की इजाजत नहीं दी। पंजोली ने कहा कि वह श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश को सहर्ष स्वीकार करते हुए बैठक में शामिल नहीं होंगे।

‘अकाल तख्त साहिब का आदेश सर्वोपरि’

करनैल सिंह पंजोली ने कहा कि एक सिख के लिए सत्ता के बजाय श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश को प्राथमिकता देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह जत्थेदार साहिब के निर्देश का पूरी तरह पालन करेंगे।

मुख्यमंत्री भगवंत मान से की माफी मांगने की अपील

करनैल सिंह पंजोली ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से भी अपील की कि वह अपने ऊपर लगे ‘गुरु-द्रोही’ और ‘पंथ-द्रोही’ के आरोपों के संबंध में श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए माफी मांगें।

उन्होंने कहा कि गुरु से माफी मांगने में किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा कम नहीं होती, बल्कि इससे उसकी महानता बढ़ती है। पंजोली ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सत्ता का अहंकार स्थायी नहीं होता और सत्ता चले जाने के बाद अहंकार करने वाले व्यक्ति की स्थिति कमजोर हो जाती है।

— करनैल सिंह पंजोली, सदस्य, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC)

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