अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा: इससे आप के मजदूर हितैषी होने के दावों की पोल खुली
ऐलान: जरूरत पड़ी तो पक्षकार बनकर सुप्रीम कोर्ट जाएगी कांग्रेस
चंडीगढ़, 2 मई: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के उन आदेशों को चुनौती देने की निंदा की है, जिनमें राज्य सरकार को केंद्र सरकार के पैटर्न के अनुसार कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता देने के लिए कहा गया था।
वड़िंग ने राज्य सरकार द्वारा आदेशों को चुनौती देने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए, कहा कि इससे आप का दोहरापन और पाखंड उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार ने मजदूरों के नाम पर “विशेष सत्र” बुलाया था और दूसरे ही दिन राज्य के लगभग 7 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों से लाभ छीनने के लिए कदम उठा लिया।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि यदि कर्मचारियों और पेंशनरों के खिलाफ कोई नकारात्मक आदेश आता है, तो कांग्रेस इस मामले में पक्षकार बनेगी और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
उन्होंने कहा कि अन्यथा कुछ ही महीनों की बात है, जब आप सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया जाएगा और कांग्रेस सरकार बनाएगी, जिसके बाद कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र सरकार के पैटर्न के अनुसार डीए का लाभ दिया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत न देने के पीछे सरकार का जिद्दी रवैया है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार के लिए केंद्र सरकार के पैटर्न के अनुसार डीए देना कोई बड़ी बात नहीं है। इसके विपरीत आप सरकार गैर-उत्पादक कार्यों, जैसे विज्ञापनों पर खुलकर पैसा खर्च कर रही है।
वड़िंग ने जोर देते हुए, कहा कि आप सरकार कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना से भी मुकर गई है। यह पंजाब के मजदूर वर्ग और कर्मचारियों के लिए दूसरा बड़ा झटका है, जो वास्तव में राज्य का प्रशासन चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य के कर्मचारी ही रोजाना आधार पर सिस्टम चला रहे हैं, नहीं तो सब कुछ ढह जाता। इसी के साथ ही, उन्होंने वर्तमान और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के योगदान की भी सराहना की।
इस दौरान आप की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करते हुए, उन्होंने कहा कि 1 मई को मजदूरों के सम्मान में विशेष सत्र बुलाया गया था और 2 मई को हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दे दी गई, जिससे कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभ मिलना था।
वड़िंग ने कहा कि हमने पहले ही कहा था कि आप का मजदूरों से कोई लेना-देना नहीं है। यह विशेष सत्र सिर्फ लोगों का ध्यान भटकाने और खुद को यह दिलासा देने के लिए था कि हालात अभी भी काबू में हैं, जबकि इनके पैरों तले जमीन खिसक रही है।
ऐलान: जरूरत पड़ी तो पक्षकार बनकर सुप्रीम कोर्ट जाएगी कांग्रेस
चंडीगढ़, 2 मई: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के उन आदेशों को चुनौती देने की निंदा की है, जिनमें राज्य सरकार को केंद्र सरकार के पैटर्न के अनुसार कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता देने के लिए कहा गया था।
वड़िंग ने राज्य सरकार द्वारा आदेशों को चुनौती देने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए, कहा कि इससे आप का दोहरापन और पाखंड उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार ने मजदूरों के नाम पर “विशेष सत्र” बुलाया था और दूसरे ही दिन राज्य के लगभग 7 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों से लाभ छीनने के लिए कदम उठा लिया।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि यदि कर्मचारियों और पेंशनरों के खिलाफ कोई नकारात्मक आदेश आता है, तो कांग्रेस इस मामले में पक्षकार बनेगी और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
उन्होंने कहा कि अन्यथा कुछ ही महीनों की बात है, जब आप सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया जाएगा और कांग्रेस सरकार बनाएगी, जिसके बाद कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र सरकार के पैटर्न के अनुसार डीए का लाभ दिया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत न देने के पीछे सरकार का जिद्दी रवैया है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार के लिए केंद्र सरकार के पैटर्न के अनुसार डीए देना कोई बड़ी बात नहीं है। इसके विपरीत आप सरकार गैर-उत्पादक कार्यों, जैसे विज्ञापनों पर खुलकर पैसा खर्च कर रही है।
वड़िंग ने जोर देते हुए, कहा कि आप सरकार कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना से भी मुकर गई है। यह पंजाब के मजदूर वर्ग और कर्मचारियों के लिए दूसरा बड़ा झटका है, जो वास्तव में राज्य का प्रशासन चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य के कर्मचारी ही रोजाना आधार पर सिस्टम चला रहे हैं, नहीं तो सब कुछ ढह जाता। इसी के साथ ही, उन्होंने वर्तमान और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के योगदान की भी सराहना की।
इस दौरान आप की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करते हुए, उन्होंने कहा कि 1 मई को मजदूरों के सम्मान में विशेष सत्र बुलाया गया था और 2 मई को हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दे दी गई, जिससे कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभ मिलना था।
वड़िंग ने कहा कि हमने पहले ही कहा था कि आप का मजदूरों से कोई लेना-देना नहीं है। यह विशेष सत्र सिर्फ लोगों का ध्यान भटकाने और खुद को यह दिलासा देने के लिए था कि हालात अभी भी काबू में हैं, जबकि इनके पैरों तले जमीन खिसक रही है।
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