पंचकूला 2 मई : संत लोंगोवाल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी(SLIET), पंजाब के विद्यार्थियों ने थापली में आयोजित तीन दिवसीय नेचर कैंप को उत्साह, अनुशासन और प्रकृति के प्रति गहरी संवेदनशीलता के साथ सफलतापूर्वक पूर्ण किया। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्राकृतिक वातावरण के निकट लाना, उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा टीमवर्क, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता जैसे गुणों का विकास करना था।
कैंप के दौरान विद्यार्थियों ने प्रकृति के विविध रूपों का सजीव अनुभव किया। थापली की हरी-भरी वादियों, शांत वातावरण और स्वच्छ जलवायु ने सभी प्रतिभागियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से वहां का मनोहारी सूर्योदय और सूर्यास्त विद्यार्थियों के लिए अत्यंत आकर्षण का केंद्र रहा। सुबह की सुनहरी किरणों के साथ जब सूर्य धीरे-धीरे पर्वतों के बीच से उगता हुआ दिखाई देता था, तो वह दृश्य सभी के मन को शांति और ऊर्जा से भर देता था। वहीं शाम के समय सूर्यास्त के दौरान आकाश के बदलते रंगों ने विद्यार्थियों को प्रकृति की अद्भुत सुंदरता का अनुभव कराया, जिसे उन्होंने अपने कैमरों और यादों में सहेज लिया।
इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने कई गतिविधियों में भाग लिया, जिनमें ट्रेकिंग, प्रकृति अवलोकन, समूह चर्चा, पर्यावरण जागरूकता सत्र तथा विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां शामिल थीं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल नई चीजें सीखीं, बल्कि आपसी सहयोग और सामंजस्य की भावना को भी मजबूत किया। प्रशिक्षकों और मार्गदर्शकों ने विद्यार्थियों को जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र, वन्य जीवन और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। कैंप के दौरान अनुशासन और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया।
तीसरे दिन की सुबह विद्यार्थियों के लिए विशेष रही। उन्होंने दिन की शुरुआत ताजगी और उत्साह के साथ की तथा उसके बाद एमएलए हॉस्टल में सामूहिक नाश्ता किया। इस सामूहिक भोजन ने सभी प्रतिभागियों के बीच अपनापन और एकता की भावना को और प्रगाढ़ किया। विद्यार्थियों ने इस अवसर पर अपने अनुभव साझा किए और कैंप के दौरान बिताए गए पलों को याद करते हुए खुशी व्यक्त की।
विद्यार्थियों ने बताया कि यह नेचर कैंप उनके लिए एक यादगार अनुभव रहा, जिसने उन्हें न केवल प्रकृति के करीब लाया, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें अपनी दिनचर्या से हटकर कुछ नया सीखने और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।
संस्थान के अधिकारियों और शिक्षकों ने भी इस सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और सहयोगी स्टाफ की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
अंत में, इस तीन दिवसीय नेचर कैंप ने विद्यार्थियों के मन में प्रकृति के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना को और अधिक प्रबल किया। थापली की सुंदरता, वहां के यादगार पल, और साथियों के साथ बिताया गया समय विद्यार्थियों के जीवन में एक अनमोल अनुभव बनकर हमेशा स्मरणीय रहेगा।
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