पंजाब के सरकारी कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ अगले संघर्ष का किया ऐलान, सितंबर-अक्टूबर में होंगे बड़े प्रदर्शन

चंडीगढ़: पंजाब सरकार के खिलाफ विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे सरकारी कर्मचारियों ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। साझा कर्मचारी मंच ने सरकार को 7 सितंबर तक का समय देते हुए चेतावनी दी है कि अगर 27 अगस्त को सरकारी दफ्तरों में काम बंद रखने के बाद जारी किया गया नोटिस वापस नहीं लिया गया, तो कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर जाएंगे।

कर्मचारी संगठनों के अनुसार, सरकार की ओर से नोटिस वापस नहीं लिए जाने की स्थिति में 8 सितंबर को सरकारी कर्मचारी सामूहिक छुट्टी पर जाने का फैसला किया गया है।

मंत्रियों और विधायकों का होगा घेराव

कर्मचारियों ने आंदोलन के अगले चरण के तहत 12 और 13 सितंबर को पंजाब सरकार के विभिन्न मंत्रियों का घेराव करने का ऐलान किया है। इसके बाद 19 और 20 सितंबर को बाकी मंत्रियों और विधायकों के घरों का घेराव किया जाएगा।

चंडीगढ़ में लगेगी ‘कर्मचारियों की विधानसभा’

आंदोलन के तहत 30 सितंबर को चंडीगढ़ में कर्मचारियों की ओर से ‘विधानसभा’ लगाई जाएगी। इस दौरान सांसदों और विधायकों के लिए कुर्सियां लगाकर उनसे सवाल पूछे जाएंगे। कर्मचारी संगठनों ने इस पूरे आंदोलन को मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित सचिवालय से संबंधित एक विशेष नाम भी दिया है।

10 अक्टूबर को संगरूर में महा रैली

कर्मचारी संगठनों ने 10 अक्टूबर को संगरूर में महा रैली आयोजित करने का भी ऐलान किया है। इसके अलावा राज्यभर के सरकारी कर्मचारियों द्वारा 21 और 22 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश लेने की घोषणा की गई है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार द्वारा उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने की स्थिति में आंदोलन को आगे भी और तेज किया जाएगा। उनके मुताबिक, आगामी कार्यक्रमों के जरिए सरकार पर कर्मचारियों की मांगों को लेकर दबाव बनाया जाएगा।

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