मुख्यमंत्री ने हजारों जनप्रतिनिधियों और लाखों मतदाताओं का अपमान किया, प्रदेश की जनता कभी माफ नहीं करेगी : डॉ. राजीव बिंदल
शिमला 6 जून 2026: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा जिला परिषद और बीडीसी प्रतिनिधियों को लेकर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने बयान से प्रदेश के हजारों निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और उन्हें चुनने वाले लाखों मतदाताओं का अपमान किया है। यह बयान न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की भावना के भी विपरीत है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि जिला परिषद सदस्य, बीडीसी सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि और अन्य स्थानीय निकायों के निर्वाचित सदस्य जनता द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुने जाते हैं। एक-एक जिला परिषद सदस्य 20 से 25 हजार मतदाताओं के बीच से जीतकर आता है और जनता के विश्वास का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे प्रतिनिधियों के बारे में यह कहना कि उनकी केवल एक दिन की अहमियत है, लोकतंत्र और जनमत दोनों का अपमान है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के इस बयान ने कांग्रेस पार्टी की वास्तविक मानसिकता को उजागर कर दिया है। कांग्रेस हमेशा से ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को कमतर आंकती रही है और अब मुख्यमंत्री के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि उनके मन में पंचायतों, जिला परिषदों और बीडीसी प्रतिनिधियों के प्रति कितना अनादर और उपेक्षा का भाव है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता द्वारा चुना गया प्रत्येक प्रतिनिधि सम्मान का पात्र होता है। संविधान ने स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को विशेष महत्व दिया है और इन्हीं संस्थाओं के माध्यम से गांव और स्थानीय स्तर पर विकास की योजनाएं आगे बढ़ती हैं। ऐसे प्रतिनिधियों को अपमानित करना लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान कांग्रेस सरकार की चुनावी हार से उत्पन्न बौखलाहट का परिणाम है। हाल ही में हुए पंचायतीराज और स्थानीय निकाय चुनावों में प्रदेश की जनता ने कांग्रेस सरकार को स्पष्ट रूप से नकार दिया है। नगर निगमों, नगर परिषदों, जिला परिषदों और पंचायत स्तर पर कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। जनता के इस फैसले को स्वीकार करने की बजाय मुख्यमंत्री अब जनप्रतिनिधियों और मतदाताओं का अपमान कर रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की जनता वर्तमान सरकार से निराश और आक्रोशित है। कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों, अधूरे वादों और प्रशासनिक विफलताओं के खिलाफ जनता ने मतदान किया है। यही कारण है कि कांग्रेस नेतृत्व अब हताशा में इस प्रकार के बयान दे रहा है।
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि चुनावों में मिली हार के बाद कांग्रेस सरकार जनता से बदला लेने की मानसिकता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस दिन चुनाव परिणाम आए और कांग्रेस को जनता ने नकारा, उसी दिन सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षण संस्थानों को बंद करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी। सिरमौर सहित कई क्षेत्रों में कॉलेजों और स्कूलों पर ताले लगाने के निर्णय जनता के साथ अन्याय हैं।
उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस को नकारा तो सरकार ने विकास संस्थानों को बंद कर जनता को दंडित करने का प्रयास शुरू कर दिया। यह लोकतांत्रिक सरकार का व्यवहार नहीं बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध की मानसिकता का परिचायक है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने बयान पर तत्काल माफी मांगनी चाहिए। प्रदेश के हजारों जनप्रतिनिधियों और लाखों मतदाताओं का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब भी देगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र, जनप्रतिनिधियों की गरिमा और जनता के सम्मान की रक्षा के लिए सदैव संघर्ष करती रहेगी तथा कांग्रेस सरकार के जनविरोधी और लोकतंत्र विरोधी रवैये को प्रदेश की जनता के सामने उजागर करती रहेगी।
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