‘वडिंग विद वॉरियर्स’: पांचवां लाइव सेशन; कहा, आप के ‘स्कूल्स ऑफ एमिनेंस’ कांग्रेस द्वारा स्थापित रिफर्बिश्ड मॉडल स्कूल ही हैं
चंडीगढ़, 6 सितंबर: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने आज आम आदमी पार्टी सरकार की तथाकथित ‘शिक्षा क्रांति’ की पोल खोलते हुए कहा कि वह पिछली कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है, जबकि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह लापरवाह और गैर-जिम्मेदार बनी हुई है।
‘वडिंग विद वॉरियर्स’ के पांचवें लाइव सेशन के दौरान पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि आप सरकार द्वारा खोले गए बताए जा रहे ‘स्कूल्स ऑफ एमिनेंस’ वास्तव में कांग्रेस सरकार द्वारा स्थापित मॉडल स्कूल थे। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने केवल इन स्कूलों का नवीनीकरण करवाकर उनका नाम ‘स्कूल्स ऑफ एमिनेंस’ कर दिया और उपलब्धियों का श्रेय अपने नाम कर लिया।
उन्होंने खुलासा किया कि आप सरकार ने सरकारी स्कूलों में दाखिलों के आंकड़ों को कथित तौर पर फर्जी तरीके से बढ़ाकर एक झूठा नैरेटिव तैयार किया है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर वास्तविक दाखिले केवल 10-15 छात्रों के थे, लेकिन रिकॉर्ड में 100 छात्रों के दाखिले दिखाए गए। यानी इनमें से 80 से 85 छात्र अनुपस्थित या फर्जी थे।
टीचर्स डेमोक्रेटिक फ्रंट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 70,000 फर्जी दाखिलों की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि अकेले संगरूर जिले में ही सरकारी स्कूलों में कथित तौर पर 30 से 40 प्रतिशत फर्जी दाखिले दिखाए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकारी स्कूलों में दाखिले इतने अधिक हैं, तो पिछले वर्ष सरकारी स्कूलों में छात्रों की कुल संख्या लगभग 1.5 लाख क्यों कम हो गई? उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या 26,69,000 थी, जबकि उससे पहले यह संख्या 28,23,000 थी।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की गहन जांच की आवश्यकता है, क्योंकि छात्रों की संख्या के आधार पर उन्हें विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। उन्होंने बताया कि छात्रों को यूनिफॉर्म, मिड-डे मील और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। लेकिन यदि रिकॉर्ड में 100 छात्र दिखाए गए हैं और वास्तव में केवल 10 या 15 छात्र ही मौजूद हैं, तो बाकी 85 छात्रों के नाम पर मिलने वाली सुविधाओं का लाभ कौन उठा रहा है?
उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने इस मुद्दे को पहले ही उठाया है, लेकिन सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार को पंजाब की जनता को इसका जवाब देना होगा।
पीसीसी अध्यक्ष ने यह भी खुलासा किया कि कुछ स्कूलों में पसंदीदा शिक्षकों को केवल सुविधाजनक पोस्टिंग देने के लिए तैनात किया गया, जबकि वहां इतने शिक्षकों की आवश्यकता ही नहीं थी। उन्होंने बताया कि एक स्कूल में 26 छात्रों पर पांच शिक्षक, जबकि दूसरे स्कूल में 60 छात्रों पर दो शिक्षक तैनात थे।
वडिंग ने शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के उस दावे पर भी सवाल उठाया कि आप सरकार ने पंजाब को स्कूल शिक्षा के मामले में “नंबर एक” स्थान पर पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि ये वास्तव में 2017 से 2022 के बीच के आंकड़े हैं, जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी। उन्होंने कहा कि उस समय AAP के एक विधायक ने स्वयं इस उपलब्धि को खारिज किया था।
उन्होंने कहा कि आज वही आप बेशर्मी से उन उपलब्धियों का श्रेय ले रही है, जिन्हें कांग्रेस सरकार ने हासिल किया था और जिसका आप ने उस समय विरोध किया था।
आप सरकार की शिक्षा के प्रति लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी को उजागर करते हुए वडिंग ने बताया कि पंजाब में शिक्षकों के 18,000 से अधिक पद खाली पड़े हैं, जिन्हें अभी तक नहीं भरा गया है। इसके अलावा, राज्य के सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में प्रिंसिपलों के 1927 स्वीकृत पदों में से 1113 पद खाली हैं।
Comments
Post a Comment