तजिंदर को इंसाफ दिलाने के लिए सड़कों पर उतरे किसान और निहंग संगठन, मशालों व मोमबत्तियों के साथ निकाला कैंडल मार्च
गुरदासपुर/पुराना शाला: मृतक तजिंदर सिंह की अंतिम अरदास की रस्में मंगलवार सुबह संपन्न होने के बाद शाम ढलते ही उन्हें इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर पीड़ित परिवार के साथ विभिन्न किसान और निहंग संगठनों ने कैंडल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मशालें और मोमबत्तियां लेकर ‘तजिंदर को इंसाफ दो’ के नारे लगाए।
कैंडल मार्च पुराना शाला की दाना मंडी से शुरू होकर बाजार से गुजरता हुआ मुकेरियां-गुरदासपुर मुख्य मार्ग स्थित पुराना शाला चौक पहुंचा। यहां प्रदर्शनकारियों ने करीब एक घंटे तक धरना देकर चक्का जाम किया। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
‘अंतिम अरदास हुई है, इंसाफ की लड़ाई खत्म नहीं’
माझा संघर्ष कमेटी की अध्यक्ष बीबी दविंदर कौर और तजिंदर की बहन करमप्रीत कौर ने कहा कि तजिंदर की अंतिम अरदास की रस्में भले ही पूरी हो गई हैं, लेकिन उन्हें इंसाफ दिलाने की असली लड़ाई अब शुरू हुई है।
बीबी दविंदर कौर ने दावा किया कि मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी को करीब एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन जांच में सामने आए तथ्यों के बारे में न तो परिवार को संतोषजनक जानकारी दी गई है और न ही उन्हें सार्वजनिक किया गया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परिवार को इंसाफ नहीं मिला और मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं लाई गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सड़क और रेल यातायात रोकने जैसे कार्यक्रमों पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
‘मामले को ठंडे बस्ते में नहीं पड़ने देंगे’
दल खालसा के जिला गुरदासपुर अध्यक्ष भाई दिलबाग सिंह ने पुलिस प्रशासन और पंजाब सरकार से कहा कि वे यह न समझें कि अंतिम अरदास के बाद तजिंदर का मामला शांत हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि विभिन्न संगठन परिवार के साथ खड़े हैं और जब तक मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।
कई संगठनों के नेता और बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
कैंडल मार्च में पगड़ी संभाल जट्टा लहर के जिला अध्यक्ष बलजिंदर सिंह चीमा, सरबजीत सिंह लालिया, गुरप्रताप सिंह बीकी, यूए एकता उगराहां के अध्यक्ष दलीप सिंह, माझा संघर्ष कमेटी की अध्यक्ष बीबी दविंदर कौर, सतनाम सिंह बागड़ियां, किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता डॉ. दलजीत सिंह और सतनाम सिंह मीलमा सहित विभिन्न संगठनों के नेता मौजूद रहे।
इसके अलावा पंथ अकाली गुरु नानक दल मड़ियां वाला के बाबा जगजीत सिंह के नेतृत्व में निहंग फौजों सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी भी मार्च में शामिल हुए।
मशालों और मोमबत्तियों ने दिया आंदोलन जारी रहने का संदेश
पुराना शाला की सड़कों पर जलती मशालों और मोमबत्तियों के साथ गूंजते नारों के बीच प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि तजिंदर मामले में संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है।
परिवार और विभिन्न संगठनों ने कहा कि जब तक मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आती और कानून के अनुसार इंसाफ नहीं मिलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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