SFI शिमला का 39वां जिला सम्मेलन 10-11 अक्टूबर को, PTA फीस और छात्र संघ चुनावों को लेकर उठाए सवाल

 

शिमला, 5 अक्टूबर 2026: स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) जिला कमेटी शिमला की ओर से सोमवार को प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में आगामी 10 और 11 अक्टूबर को होने वाले SFI के 39वें जिला सम्मेलन की तैयारियों और प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। संगठन ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए स्वागत समिति (Reception Committee) के गठन की भी घोषणा की।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए SFI जिला अध्यक्ष विवेक नेहरा ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठाए। उन्होंने PTA फीस को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों से PTA के नाम पर राशि वसूली जा रही है, लेकिन इसके उपयोग और खर्च का पर्याप्त पारदर्शी ब्यौरा छात्रों एवं अभिभावकों को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।

PTA फंड में अनियमितताओं का आरोप

SFI जिला अध्यक्ष ने कहा कि संगठन द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत संजौली महाविद्यालय और कोटशेरा महाविद्यालय से PTA फंड और फीस से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। संगठन का दावा है कि प्राप्त जानकारी में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले सामने आए हैं।

SFI के अनुसार, 2022 में कोटशेरा महाविद्यालय में करीब 20 लाख रुपये और 2024 में संजौली कॉलेज में करीब 22 लाख रुपये PTA के नाम पर छात्रों से लिए गए। संगठन ने इन राशियों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाते हुए प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में PTA फंड की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

SFI ने छात्रों से PTA के नाम पर कथित अवैध वसूली को बंद करने और फीस तथा फंड के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।

छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग

प्रेस वार्ता में SFI ने शैक्षणिक संस्थानों में छात्र संघ चुनावों पर जारी प्रतिबंध का भी विरोध किया। विवेक नेहरा ने कहा कि छात्र संघ छात्रों को अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन तथा सरकार के सामने रखने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।

संगठन का आरोप है कि चुनावों पर प्रतिबंध के कारण छात्रों की संस्थागत भागीदारी प्रभावित हुई है। SFI ने प्रदेश में छात्र संघ चुनाव जल्द बहाल करने की मांग की।

ट्रैफिक समस्या को लेकर मुफ्त बस सेवा की मांग

SFI ने शिमला जिले में बढ़ती ट्रैफिक समस्या का मुद्दा भी उठाया। संगठन के मुताबिक, भारी ट्रैफिक जाम के कारण छात्रों को स्कूल और कॉलेज समय पर पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

SFI ने छात्रों की सुविधा के लिए शैक्षणिक संस्थानों से 25 किलोमीटर के दायरे तक मुफ्त बस सेवा शुरू करने की मांग सरकार के समक्ष रखी।

NEP 2020 के क्रियान्वयन पर SFI ने उठाए सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान SFI ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन को लेकर भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। संगठन का आरोप है कि इसके चलते प्रदेश के सार्वजनिक शिक्षा ढांचे पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

SFI ने कहा कि सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने या उनका विलय करने की प्रक्रिया से आर्थिक रूप से कमजोर और आम परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा तक पहुंच प्रभावित हो सकती है। संगठन ने सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।

10-11 अक्टूबर को होगा 39वां जिला सम्मेलन

SFI ने कहा कि आगामी 10 और 11 अक्टूबर को आयोजित होने वाला 39वां जिला सम्मेलन संगठन के लिए महत्वपूर्ण होगा। संगठन के अनुसार सम्मेलन में छात्र राजनीति की आगामी दिशा, शिक्षा से जुड़े मुद्दों और छात्रों की मांगों पर चर्चा की जाएगी तथा आगे के आंदोलनों की रणनीति तय की जाएगी।

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