4 नवंबर को संगरूर में राहुल गांधी की ‘इंसाफ रैली’, पंजाब के एक लाख से अधिक लोग होंगे शामिल: सरदार परगट सिंह
चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सरदार परगट सिंह ने कहा कि कानून-व्यवस्था, नशे, बेरोजगारी, धान की खरीद, बेअदबी के मामलों और पंजाब के अधिकारों से जुड़े सवालों पर 4 नवंबर को संगरूर में होने वाली ‘इंसाफ रैली’ पंजाब के हक, इंसाफ और भविष्य की लड़ाई का निर्णायक मंच बनेगी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस रैली को संबोधित करेंगे, जिसमें पंजाब के एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में पंजाब के किसानों, नौजवानों और आम लोगों से जुड़े जिन मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए था, उन पर चुप्पी साधी गई।
धान की खरीद के मुद्दे पर परगट सिंह ने कहा कि पंजाब का किसान अपनी फसल बेचने के लिए परेशान है, लेकिन सरकार उसकी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं दे रही। उन्होंने धान के भाव और किसानों को मिलने वाले उचित मूल्य का सवाल उठाते हुए कहा कि जब दूसरे राज्यों में बेहतर कीमतों की चर्चा हो रही है, तो पंजाब के किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य और समय पर खरीद सुनिश्चित क्यों नहीं हो रही? उन्होंने कहा कि किसानों को सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि मंडियों में सुचारु खरीद और उनकी मेहनत का पूरा मूल्य चाहिए। सरकार की चुप्पी से किसानों की परेशानी और बढ़ रही है।
बेअदबी के मामलों पर बोलते हुए परगट सिंह ने कहा कि पंजाब के लोगों को इन संवेदनशील मामलों में न्याय की उम्मीद थी, लेकिन मामलों को राज्य से बाहर स्थानांतरित किए जाने से कई सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने डैम सेफ्टी एक्ट की धारा 79(1) से जुड़े मुद्दे और राजस्थान को पानी देने के मामले में पंजाब के हितों पर भी सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि नदी जल विवाद से संबंधित अनुच्छेद 78, 79 और 80 के तहत कानूनी प्रक्रिया चल रही है, इसलिए पंजाब के जल संसाधनों और अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार को पूरी गंभीरता से अपना पक्ष रखना चाहिए। इन मुद्दों पर केवल औपचारिक बयानबाजी से पंजाब के हित सुरक्षित नहीं रहेंगे।
पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए परगट सिंह ने परमिंदर सिंह झोटा और गुलजार सिंह से जुड़े मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हालिया घटनाओं में पुलिस की जांच और निष्कर्षों को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब पारदर्शी तरीके से दिया जाना चाहिए। उन्होंने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का हवाला देते हुए कहा कि जब इतने बड़े मामले की जांच में वर्षों लग गए, तो किसी अन्य घटना में महज दो घंटे के भीतर हत्या का निष्कर्ष निकालने के आधार और जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि हर मामले में निष्पक्ष जांच, ठोस सबूत और कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस का काम जनता में विश्वास पैदा करना है, न कि संदेह को और गहरा करना।
परगट सिंह ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या के वास्तविक हालात किसी से छिपे नहीं हैं। गांवों और शहरों में नौजवानों का भविष्य दांव पर लगा है, जबकि बेरोजगारी के कारण युवा लगातार परेशान हैं। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि परमिंदर सिंह झोटा के परिवार के प्रति संवेदना जताने तक सरकार का न पहुंचना भी उसके रवैये पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मीडिया संस्थानों से भी अपील की कि वे पंजाब के वास्तविक मुद्दों, बेरोजगारी, नशे और कानून-व्यवस्था की समस्याओं को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि पंजाब को ऐसी दिशा में जाने से रोकना होगा, जहां कानून का राज कमजोर हो और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस करे।
जल्द चुनाव आचार संहिता लागू होने की संभावना से जुड़े सवाल पर परगट सिंह ने कहा कि केवल आचार संहिता लागू होने से व्यवस्था की समस्याएं दूर नहीं होंगी। असली जरूरत पुलिस और प्रशासन में जनता का विश्वास बहाल करने, जवाबदेही तय करने और व्यवस्था को नियमों के अनुसार चलाने की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर पंजाब में हर काम सिस्टम के मुताबिक होगा और किसी को भी मनमर्जी से काम करने की छूट नहीं दी जाएगी।
सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण के लिए चूरा-पोस्त की खेती से जुड़े सवाल पर परगट सिंह ने कहा कि इस विषय पर कोई भी फैसला विशेषज्ञ समिति की देखरेख में और सख्त नियंत्रण व्यवस्था के साथ ही लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी नीति का उद्देश्य नशे की समस्या को कम करना होना चाहिए, न कि ऐसा नया संकट पैदा करना जिससे नशे की उपलब्धता और बढ़ जाए। इस मामले में वैज्ञानिक अध्ययन, विशेषज्ञों की सलाह और प्रभावी निगरानी बेहद जरूरी है।
अंत में परगट सिंह ने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे प्रदेश को बचाने के लिए एकजुट होकर अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि 4 नवंबर की संगरूर ‘इंसाफ रैली’ केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंजाब के हकों, किसानों की समस्याओं, नौजवानों के भविष्य और जनता को इंसाफ दिलाने की आवाज बनेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशे, बेरोजगारी और कमजोर होती कानून-व्यवस्था के संकट से बाहर निकालने के लिए जवाबदेह शासन जरूरी है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस जनता के मुद्दों को बुलंद करेगी और पंजाब के अधिकारों व सम्मान की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगी।

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