चितकारा यूनिवर्सिटी के 57 शोधकर्ता स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर की विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में शामिल


चंडीगढ़/पंजाब, 21 अक्टूबर 2026:  चितकारा यूनिवर्सिटी ने शोध के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यूनिवर्सिटी के 57 शोधकर्ताओं को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर की नवीनतम रिपोर्ट में दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में स्थान मिला है। यह उपलब्धि शोध के क्षेत्र में यूनिवर्सिटी के बढ़ते योगदान के साथ प्रभावशाली, अंतरविषयी और सहयोगात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।


स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर रिपोर्ट में विभिन्न विषयों के प्रभावशाली शोधकर्ताओं की पहचान मानकीकृत उद्धरण संकेतकों और उनके शोध के प्रभाव के आधार पर की जाती है। इस वैश्विक सूची में चितकारा यूनिवर्सिटी के 57 शोधकर्ताओं का शामिल होना अकादमिक और शोध समुदाय की उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह ज्ञान, नवाचार और शोध के क्षेत्र में उनके योगदान को भी रेखांकित करता है।

इस उपलब्धि पर चितकारा यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट एवं को-फाउंडर डॉ. मधु चितकारा ने कहा, “शोध का उद्देश्य केवल ज्ञान की सीमाओं का विस्तार करना नहीं है, बल्कि उस ज्ञान का उपयोग महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर तलाशने, वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान करने और समाज के लिए सार्थक योगदान देने में होना चाहिए। हमारे 57 शोधकर्ताओं का दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल होना चितकारा यूनिवर्सिटी के लिए गर्व का क्षण है।”

उन्होंने कहा, “यह हमारे शिक्षकों और शोधकर्ताओं के समर्पण, मजबूत शैक्षणिक वातावरण और इस विश्वास को दर्शाता है कि सार्थक शोध का प्रभाव विश्वविद्यालय की सीमाओं से आगे समाज तक पहुंचना चाहिए। हम ऐसी शोध संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहां जिज्ञासा को बढ़ावा मिले, नए विचारों पर मंथन हो और नई खोजें समाज तथा दुनिया की प्रगति में सहायक बनें।”

चितकारा यूनिवर्सिटी में शोध को शैक्षणिक विकास और संस्थागत प्रगति का अभिन्न हिस्सा माना जाता है। यूनिवर्सिटी अपने शिक्षकों और शोधकर्ताओं को गहन अनुसंधान करने, विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करने तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, व्यवसाय सहित विभिन्न क्षेत्रों की उभरती चुनौतियों पर शोध के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है।

यह उपलब्धि उन शोधकर्ताओं की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता, बौद्धिक जिज्ञासा और निरंतर प्रयासों को भी सम्मान देती है, जिनका कार्य वैश्विक ज्ञान भंडार को समृद्ध कर रहा है। उनकी उपलब्धियां यूनिवर्सिटी के शोध परिवेश को मजबूत करने के साथ नई पीढ़ी के शोधकर्ताओं को ऐसे विषयों पर काम करने के लिए प्रेरित करती हैं, जिनसे सार्थक खोज और दीर्घकालिक बदलाव संभव हो सकें।

चितकारा यूनिवर्सिटी ने इस उपलब्धि पर सभी 57 शोधकर्ताओं को बधाई देते हुए शोध उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और ऐसा शैक्षणिक वातावरण विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जहां ज्ञान का उपयोग समाज के लिए उपयोगी और सकारात्मक बदलाव लाने में किया जा सके।

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