हरियाणा में BJP सरकार के दो साल पर सैलजा ने मांगा हिसाब, चुनावी वादों पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग

हरियाणा में BJP सरकार के दो साल पर सैलजा ने मांगा हिसाब, चुनावी वादों पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग

महिलाओं को 2,100 रुपये, दो लाख सरकारी नौकरियां, किसानों को MSP और पांच लाख आवास जैसे वादों पर उठाए सवाल; कांग्रेस ने मांगा बजट, खर्च और लाभार्थियों का पूरा ब्यौरा

चंडीगढ़। हरियाणा में भाजपा सरकार के दो साल के कार्यकाल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस महासचिव और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपये देने, दो लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराने, किसानों की फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद और गरीब परिवारों को आवास देने जैसी घोषणाओं पर सवाल उठाते हुए उन्होंने वादावार श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है।

कांग्रेस का कहना है कि सरकार को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि चुनावी घोषणाओं में से कितने वादे पूरे हुए, कितने अधूरे हैं और शेष वादों को पूरा करने के लिए क्या समयसीमा तय की गई है।

महिलाओं और युवाओं से किए वादों पर सवाल

कुमारी सैलजा ने महिलाओं को प्रतिमाह 2,100 रुपये देने के चुनावी वादे पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस योजना के तहत कितनी महिलाओं को लाभ मिल रहा है और शेष पात्र महिलाओं तक इसका लाभ कब पहुंचेगा।

रोजगार के मुद्दे पर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। सैलजा ने दो लाख पक्की सरकारी नौकरियों और पांच लाख अन्य रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की घोषणा का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है। उनके मुताबिक, सरकार को नियमित नियुक्तियों, रोजगार सृजन और अप्रेंटिसशिप से जुड़े आंकड़े सामने रखने चाहिए।

इसके अलावा, प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक मुफ्त उपचार उपलब्ध कराने की घोषणा पर भी सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस ने योजना के लाभार्थियों और वास्तविक स्वास्थ्य कवरेज का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।

किसानों को MSP और गरीबों को आवास का हिसाब मांगा

किसानों के मुद्दे पर सैलजा ने 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद के वादे की प्रगति का ब्यौरा मांगा है। उन्होंने प्रत्येक फसल की खरीद, इससे लाभान्वित किसानों की संख्या और भुगतान से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।

वहीं, पांच लाख शहरी और ग्रामीण आवास उपलब्ध कराने की घोषणा पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पार्टी जानना चाहती है कि अब तक कितने मकान स्वीकृत हुए, कितनों का निर्माण पूरा हुआ और कितने आवास लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।

सैलजा ने 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने, छात्राओं को स्कूटर देने, मुफ्त डायलिसिस, खेल नर्सरियां स्थापित करने, पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी देने और ओबीसी उद्यमियों के लिए ऋण गारंटी जैसी घोषणाओं की स्थिति भी स्पष्ट करने की मांग की है।

विकास परियोजनाओं की प्रगति पर भी मांगा जवाब

कांग्रेस सांसद ने केवल जनकल्याणकारी योजनाओं ही नहीं, बल्कि प्रदेश में प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की प्रगति पर भी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

इनमें औद्योगिक शहरों का विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कौशल प्रशिक्षण केंद्र, हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, रैपिड रेल मार्ग, इंटरसिटी एक्सप्रेस मेट्रो और अरावली जंगल सफारी पार्क जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

कांग्रेस का कहना है कि इन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, आवंटित बजट, अब तक हुए खर्च और काम पूरा होने की संभावित समयसीमा के बारे में सरकार को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।

वादावार श्वेतपत्र जारी करने की मांग

कुमारी सैलजा की मांग है कि हरियाणा सरकार चुनावी वादों को लेकर एक विस्तृत श्वेतपत्र जारी करे। इसमें प्रत्येक घोषणा की वर्तमान स्थिति, बजट आवंटन, वास्तविक खर्च, लाभार्थियों की संख्या और अधूरे कार्यों को पूरा करने की समयसीमा का उल्लेख होना चाहिए।

कांग्रेस का तर्क है कि चुनाव के दौरान किए गए वादों की प्रगति का सार्वजनिक लेखा-जोखा होने से जनता यह समझ सकेगी कि घोषणाओं को जमीन पर उतारने के लिए कितने कदम उठाए गए हैं।

सरकार के जवाब पर टिकी नजरें

भाजपा सरकार के दो साल के कार्यकाल को लेकर कांग्रेस ने चुनावी वादों की जवाबदेही का मुद्दा उठाया है। महिलाओं की आर्थिक सहायता से लेकर रोजगार, किसानों की आय, आवास और बड़ी विकास परियोजनाओं तक कई मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार से आंकड़ों के साथ जवाब देने की मांग की है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार इन सवालों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और चुनावी घोषणाओं के क्रियान्वयन से जुड़े आंकड़े किस तरह सार्वजनिक करती है। हालांकि, वादों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए सरकारी आंकड़ों और योजनाओं की मौजूदा प्रगति का स्वतंत्र सत्यापन भी जरूरी होगा।

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