पराली जलाने पर केंद्र सख्त, पंजाब समेत 5 राज्यों को जारी किए निर्देश; संवेदनशील जिलों में होगी विशेष निगरानी

नई दिल्ली: धान की कटाई के आगामी सीजन में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने पंजाब समेत पांच राज्यों को निर्देश जारी किए हैं। राज्य सरकारों को पराली जलाने की घटनाओं पर सख्त निगरानी रखने और उल्लंघन सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।


पर्यावरण और कृषि मंत्रालय की उच्चस्तरीय बैठक

पराली प्रबंधन को लेकर पर्यावरण मंत्रालय और कृषि मंत्रालय के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने, किसानों को वैकल्पिक उपाय उपलब्ध कराने और फसल अवशेषों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया गया।

किसानों को सस्ते विकल्प उपलब्ध कराने के निर्देश

केंद्र ने राज्य सरकारों से कहा है कि किसानों को पराली प्रबंधन के लिए सस्ते और व्यावहारिक विकल्प उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उन्हें खेतों में पराली जलाने की जरूरत न पड़े।

इसके साथ ही पराली से पशुओं के लिए चारा तैयार करने, बिजली उत्पादन और जैव ईंधन बनाने जैसे विकल्पों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है।

पंजाब और हरियाणा के संवेदनशील जिलों पर विशेष नजर

धान की कटाई और रबी की फसलों की बुवाई के बीच कम समय होने के कारण पराली प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इसे देखते हुए केंद्र ने प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

पंजाब और हरियाणा के संवेदनशील जिलों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। इसके अलावा, दोपहर 3 बजे के बाद सैटेलाइट निगरानी के अंतराल और उसकी प्रभावशीलता पर भी ध्यान देने की बात कही गई है।

पराली जलाने पर रोक लगाने की तैयारी

केंद्र के इन निर्देशों का उद्देश्य पराली जलाने की घटनाओं को नियंत्रित करना और वायु प्रदूषण कम करने के प्रयासों को मजबूत करना है। आगामी धान कटाई सीजन में राज्य सरकारों की निगरानी व्यवस्था और किसानों को उपलब्ध कराए जाने वाले विकल्पों की अहम भूमिका रहेगी।


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