इस मानसून सीजन में भारी बारिश और भूस्खलन ने हिमाचल में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। 1 जून से 3 सितंबर तक सरकारी और निजी संपत्ति को करीब ₹1,235 करोड़ का नुकसान हो चुका है। इसमें अकेले लोक निर्माण विभाग (PWD) की ₹946 करोड़ की संपत्ति तबाह हुई है। भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण प्रदेश में 111 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि 472 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
बारिश और उससे जुड़े हादसों में इस दौरान 266 लोगों की मौत हुई है। इनमें 158 मौतें सड़क हादसों, 18 लैंडस्लाइड, 13 पानी में डूबने और 1 मौत फ्लैश फ्लड के कारण हुई है। इसके अलावा अन्य अलग-अलग कारणों से भी लोगों की जान गई है।
सामान्य से 8 फीसदी कम बारिश, फिर भी भारी नुकसान
हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून सीजन के दौरान बारिश सामान्य से कम रही है। 1 जून से 3 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य बारिश 630.2 मिलीमीटर होती है, जबकि इस बार 578.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यानी इस अवधि में प्रदेश में सामान्य से 8 फीसदी कम बारिश हुई है। इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में हुई तेज बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाओं ने जान-माल को भारी नुकसान पहुंचाया है।
Comments
Post a Comment