हरियाणा में सफाई कर्मचारियों का मुंडन आंदोलन; 17 सूत्रीय मांगों पर सरकार को अल्टीमेटम, बोले- 13 मई का समझौता लागू करो

भिवानी में नगर पालिका और सफाई कर्मचारियों का आंदोलन अब एक नए चरण में पहुंच गया है। कर्मचारियों ने सरकार को चेताने के लिए मुंडन अभियान शुरू किया है। कर्मचारियों का कहना है कि 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते में जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उन्हें अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है।


सफाई कर्मचारी संघ के सचिव पुरुषोत्तम दानव ने सरकार पर कर्मचारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की जा रही हैं और निलंबन व सेवा समाप्ति के आदेश जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से विक्टिमाइजेशन बंद कर 13 मई के समझौते को ईमानदारी से लागू करने की मांग की।


दानव ने कहा कि 6 सितंबर को बवानी खेड़ा में मुख्यमंत्री की रैली के दौरान कर्मचारी उनसे मिलने का प्रयास करेंगे और प्रदेश में सफाई व्यवस्था को लेकर पैदा हुई स्थिति से उन्हें अवगत करवाएंगे। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सफाई कर्मचारी और सीवरमैन नियमितीकरण समेत अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।


सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान मास्टर सुमेर आर्य ने बताया कि फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने 37 दिन और सफाई कर्मचारियों ने 13 दिन तक हड़ताल की थी। सरकार ने उनकी मांगों पर 30 जून तक का समय दिया था, लेकिन समय बीतने के बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई।


उन्होंने मुंडन आंदोलन को सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध बताते हुए कहा कि कर्मचारियों को लग रहा है कि सरकार उनकी बात सुनने के बजाय उनका उत्पीड़न कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो सर्व कर्मचारी संघ आंदोलन को और तेज करेगा।


सुमेर आर्य ने कर्मचारियों की मांगों में नियमितीकरण, जोखिम भत्ता और किसी कर्मचारी की हादसे में मौत होने पर परिवार को रोजगार व उचित मुआवजा देने की मांग का जिक्र किया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि सफाई कर्मचारियों को सड़कों पर बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है, ऐसे में बीमारी फैलने की स्थिति पैदा होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।


वहीं सर्व कर्मचारी संघ भिवानी के ब्लॉक प्रधान अशोक गोयत ने बताया कि भिवानी में करीब 21-22 कर्मचारी मुंडन के लिए लाइन में हैं और आंदोलन के दौरान इससे भी ज्यादा कर्मचारी मुंडन करवा सकते हैं।


कर्मचारी नेताओं ने सरकार से 13 मई को मानी गई 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जल्द लेटर जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।


फिलहाल कर्मचारियों के मुंडन आंदोलन ने सरकार के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना होगा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर बातचीत करती है या फिर आंदोलन आने वाले दिनों में और उग्र रूप लेता है।



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