चंडीगढ़। ईमेल के जरिए मिलने वाली बम धमकियों से प्रभावी ढंग से निपटने और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चंडीगढ़ पुलिस ने पुलिस मुख्यालय, सेक्टर-9 स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन बैठक आयोजित की।
बैठक की अध्यक्षता यूटी चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर, आईपीएस ने की। बैठक में एसएसपी/ऑपरेशंस राजेश शर्मा, आईपीएस, एसपी/सिटी विजय कुमार सहित निजी एवं सरकारी स्कूलों, अस्पतालों, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज तथा इंजीनियरिंग विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य ईमेल के माध्यम से मिलने वाली बम धमकियों पर सभी संबंधित विभागों और संस्थानों के बीच समन्वित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था। चंडीगढ़ पुलिस द्वारा तैयार किए जा रहे स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के लिए विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से सुझाव और व्यावहारिक अनुभव भी लिए गए।
प्रतिनिधियों से विशेष रूप से इस बात पर सुझाव मांगे गए कि किसी संस्थान को बम धमकी वाला ईमेल मिलने के तुरंत बाद, पुलिस के पहुंचने से पहले कौन-कौन से एहतियाती कदम उठाए जा सकते हैं। बैठक में शांत रहने, घबराहट से बचने, तत्काल पुलिस एवं संबंधित एजेंसियों को सूचना देने, सुरक्षा एवं निकासी प्रक्रिया का पालन करने, परिसर को सुरक्षित रखने तथा आपातकालीन एजेंसियों के साथ प्रभावी समन्वय पर जोर दिया गया।
चंडीगढ़ पुलिस ने सभी संस्थानों को अपने परिसरों में आवश्यक DFM सुरक्षा उपाय, सीसीटीवी कैमरे, DFM और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण स्थापित करने तथा हर महीने मॉक ड्रिल आयोजित करने की सलाह दी।
पुलिस ने कहा कि बैठक के दौरान स्टेकहोल्डर्स से प्राप्त सुझावों और फीडबैक को SOP को अंतिम रूप देते समय ध्यान में रखा जाएगा। इसका उद्देश्य ईमेल बम धमकियों की स्थिति में स्पष्ट, व्यावहारिक और समन्वित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करना है, ताकि विद्यार्थियों, कर्मचारियों, मरीजों, आगंतुकों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार, यह पहल सार्वजनिक सुरक्षा, आपदा तैयारी, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने की दिशा में उसके प्रयासों का हिस्सा है।
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