33 दिन से धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों के समर्थन में उतरी भीम आर्मी, मुख्यमंत्री के नाम डीसी को सौंपा ज्ञापन

हिसार में अपनी मांगों को लेकर पिछले 33 दिनों से धरने पर बैठे सफाई और सीवर कर्मचारियों के समर्थन में भीम आर्मी ने प्रदर्शन किया। भीम आर्मी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिंदल टावर से नगर निगम कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई गई।

प्रदर्शन के बाद भीम आर्मी की ओर से हिसार के उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में सफाई कर्मचारियों, सीवर कर्मचारियों और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की गई।

कर्मचारियों की मांगों को बताया जायज

भीम आर्मी हरियाणा के प्रदेश महासचिव एडवोकेट संतलाल अंबेडकर ने कहा कि सफाई कर्मचारियों और फायर कर्मचारियों की मांगें न्यायोचित हैं। ये कर्मचारी जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हुए शहर की सफाई, सीवर व्यवस्था और आपदा के समय लोगों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार को तत्काल बातचीत करनी चाहिए और लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान करना चाहिए।

नियमितीकरण और ठेका प्रथा खत्म करने की मांग

भीम आर्मी की ओर से दिए गए ज्ञापन में पालिका रोल पर कार्यरत अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित रोल पर लेने और उन्हें सेवा सुरक्षा देने की मांग की गई है।

इसके अलावा दैनिक वेतन भोगी और अन्य स्थानीय निकाय कर्मचारियों के नियमितीकरण से जुड़े मामलों में न्यायालय के आदेशों के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है।

ज्ञापन में विभिन्न नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों में छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी पर लेने की मांग भी उठाई गई है।

संगठन ने डोर-टू-डोर वर्क, आउटसोर्सिंग और ऑपरेशनल मेंटेनेंस में चल रही ठेका व्यवस्था को समाप्त कर कर्मचारियों को विभाग या पालिका के रोल पर लेने की मांग की है।

जोखिम भत्ता और बेहतर वेतन की मांग

भीम आर्मी ने सफाई कर्मचारियों और सीवर मैन को ₹5,000 मासिक जोखिम भत्ता देने की मांग की है। इसके साथ ही न्यूनतम वेतन बढ़ाकर ₹30 हजार करने, ईपीएफ-ईएसआई की सुविधा देने और सभी कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है।

ज्ञापन में ड्यूटी के दौरान सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने पर ₹20 लाख की आर्थिक सहायता और परिवार के पात्र सदस्य को रोजगार या स्थायी पुनर्वास नीति का लाभ देने की मांग की गई है।

इसके अलावा सभी सफाई कर्मचारियों और सीवर मैन का ₹50 लाख का दुर्घटना बीमा कराने की मांग भी रखी गई है।

पढ़े-लिखे कर्मचारियों को पदोन्नति की मांग

भीम आर्मी ने पढ़े-लिखे सफाई एवं सीवर कर्मचारियों को उनकी योग्यता और वरिष्ठता के आधार पर ग्रुप-सी के पदों पर पदोन्नति देने के लिए विशेष नीति बनाने की मांग की है।

साथ ही स्थानीय निकायों में क्षेत्रफल और आबादी के आधार पर आवश्यक पदों का सृजन कर खाली पदों पर नियमित भर्ती करने की मांग भी की गई है।

दमकल कर्मचारियों की मांगें भी उठाईं

ज्ञापन में अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की मांगों को भी शामिल किया गया है। संगठन ने फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वाले दमकल कर्मचारियों के परिवारों को ₹50-50 लाख की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नियमानुसार सरकारी नौकरी देने की मांग की है।

इसके अलावा फायरमैन और चालकों को नियमित करने, दमकल कर्मचारियों को ₹5,000 मासिक जोखिम भत्ता और ₹7,500 वर्दी भत्ता देने की मांग की गई है।

विभिन्न स्थानों से हटाए गए दमकल कर्मचारियों को दोबारा सेवा में लेने, एचकेआरएन कर्मचारियों को सेवा विस्तार देने और अनुभवी कर्मचारियों को रिक्त पदों पर पदोन्नति देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

सीवर में कर्मचारियों की मौत का मुद्दा उठाया

एडवोकेट संतलाल अंबेडकर ने सीवर में कर्मचारियों की मौत की घटनाओं को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सीवर में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता बरती जानी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि लापरवाही के कारण कई कर्मचारियों की जान चली जाती है और ऐसे मामलों में मृतक कर्मचारियों के परिवारों को न्याय और पर्याप्त सहायता मिलनी चाहिए।

संतलाल अंबेडकर ने कहा कि कर्मचारियों से जुड़े मामलों में दर्ज मुकदमों की भी समीक्षा की जानी चाहिए और जिन मामलों को संगठन गलत या अनुचित मानता है, उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।

सरकार से बातचीत की मांग

भीम आर्मी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सफाई, सीवर और अग्निशमन कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ जल्द उच्चस्तरीय बैठक की जाए। संगठन का कहना है कि जब तक मांगों पर निर्णय नहीं होता, तब तक कर्मचारियों के खिलाफ दमनात्मक या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

अब देखना होगा कि 33 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और उनके समर्थन में भीम आर्मी के प्रदर्शन के बाद सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।

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