अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति का कमला नेहरू अस्पताल की शिफ्टिंग को लेकर टालैंड से लेकर छोटा शिमला सचिवालय तक मार्च

शिमला :अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने कमला नेहरू अस्पताल की शिफ्टिंग को लेकर  टालैंड से लेकर छोटा शिमला सचिवालय तक मार्च का आयोजन किया  जिसमें कई  सैकड़ों   महिला और पुरुष ने हिस्सा लिया । मार्च से  पहले  महिला और पुरुष  टालैंड  में एकत्रित  हुये   उसके बाद  रैली लेकर  छोटा शिमला पंहुचे छोटा शिमला सचिवालय। के सामने  एक सभा का आयोजन  भी किया गया     सभा को  संबोधित करते हुए  जनवादी महिला समिति की राज्य अध्यक्ष रंजना जरेट ने  कहा कि   सरकार ने कमला नेहरू अस्पताल से गायनी की ओपीडी को रातोंरात आईजीएमसी शिफ्ट किया और बिना किसी आदेश के जिससे महिलाओं को आज भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्होंने  यह भी कहा कि आज महिलाओं की जो गायनी  की ओपीडी शिफ्ट होने से कभी आईजीएमसी तो कभी  KNH भेजा जा रहा है  रंजना ने  कहा कि  सरकार कन्ह में ही तीसरे चरण  के भवन का निर्माण करके उसमें महिलाओं को  रोबोटिक, सर्जरी आईवीएफ सेंटर और बाकी सारी महिलाओं को आधुनिक सुविधाएं दी जाए ।

सभा को संबोधित करते हुए  संगठन की राज्य महासचिव फालमा चौहान ने कहा की सरकार सुनियोजित तरीके से  महिलाओं के इस अस्पताल को  उजाड़ रही है। अस्पताल को  शिफ्ट करके इस स्थान पर  पूर्व मुख्यमंत्रीयो के  लिए कोठिया और मंत्रियों के लिए आवास बनाए जा रहे है।सरकार की इन जन विरोधी और महिला विरोधी नीतियों के चलते स्वास्थ्य को  लगातार  बेचा जा रहा है जिसमें  सरकार  हर वर्ष तरह तरह के  शुल्क बढ़ाकर। महिलाओं के ऊपर आर्थिक बोझ डाल रही है जिससे आम महिलाएं अपना इलाज करने से वंचित रह जाएगी  और  सरकारी अस्पतालों में कही एक्सरे कि मशीन खराब पड़ी हुई है तो कंही अल्ट्रासाउंड मशीन बंद पड़ी है  कही पूरा स्टाफ भी नहीं है जिससे  महिलाओं को अपना इलाज करने के  लिए कई किलोमीटर  की दूरी तय करके जिला अस्पताल जाना पड़ता है

धरने को राज्य कोषाध्यक्ष सुनिधि ठाकुर  , जिला कार्यकारी अध्यक्ष  रमा रावत, जिला कमेटी सदस्य पलक और   छात्र नेता   कृतिका नेगी और एडवोकेट अनुजा और जन स्वास्थ्य अभियान  से सुमित्रा चंदेल ने संबोधित किया ।

धरने के बाद संगठन का एक प्रतिनिधि मंडल उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मिला  और  संगठन ने कई हजारों में महिलाओं के हस्ताक्षर   लिए थे उसे भी सरकार को जमा किया  गया ।

 सरकार की और से  उपमुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया  जिस ज्ञापन के साथ। सैकड़ों पंचायत  प्रधानों ने  अपने प्रस्ताव   गायनी  ओपीडी  को कमला नेहरू में  वापस लाने के  समर्थन में दिए थे  इन  प्रस्तावों को ज्ञापन के साथ संलग्न किया गया। और हिमाचल प्रदेश सरकार को सौंपे गए ।

प्रतिनिधि मंडल को उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि 22  सितम्बर को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस मामले को लाया जाएगा और इसके ऊपर चर्चा की जाएगी।

और  महिलाओं की इस समस्या को दूर किया जाएगा ।

संगठन ने  चेतावनी दी है कि अगर सरकार नहीं करती है तो इस आंदोलन को  और तेज किया जाएगा  और अगले प्रदर्शन में  पूरे राज्य से महिलाओं को इकठ्ठा किया  जाएगा।


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