SPU मंडी में SFI राज्य सचिव एवं राज्य कमेटी सदस्य पर हमला निंदनीय: दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग — SFI HPU
SPU मंडी में SFI राज्य सचिव एवं राज्य कमेटी सदस्य पर हमला निंदनीय: दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग — SFI HPU
शिमला: स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) इकाई, 17 अक्टूबर 2026 को सरदार पटेल विश्वविद्यालय (SPU), मंडी में SFI हिमाचल प्रदेश राज्य सचिव कामरेड सनी सेक्टा एवं राज्य कमेटी सदस्य कामरेड ऋत्विक पर ABVP से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कथित हमले की कड़े शब्दों में निंदा करती है। इस घटना के विरोध में SFI HPU ने अपना रोष व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।
SFI का कहना है कि दोनों छात्र नेता विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष छात्रों के मुद्दे उठाने के लिए जा रहे थे। ऐसे में उन पर हमला होना छात्र संगठनों की लोकतांत्रिक स्वतंत्रता पर हमला है। विश्वविद्यालय परिसर विचारों के आदान-प्रदान, लोकतांत्रिक बहस और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के केंद्र होने चाहिए, न कि हिंसा और डर का माहौल पैदा करने के।
SFI HPU अध्यक्ष आशीष ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसरों में किसी भी तरह की हिंसा और राजनीतिक असहिष्णुता के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। छात्र संगठनों का काम छात्रों की समस्याओं को उठाना, शिक्षा से जुड़े सवालों पर संघर्ष करना और प्रशासन को जवाबदेह बनाना है। यदि छात्र नेताओं को अपनी मांगें रखने के लिए जाते समय हमलों का सामना करना पड़े, तो यह पूरे छात्र समुदाय के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि SFI हमेशा से छात्रों की फीस वृद्धि, शिक्षा के निजीकरण, छात्र सुविधाओं की कमी और विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक अधिकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ संघर्ष करती आई है। छात्रों की जायज मांगों और आंदोलनों को दबाने के लिए हिंसा का सहारा लेना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। SFI HPU मांग करती है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
SFI राज्य संयुक्त सचिव कामरेड कमल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में लगातार सामने आ रही हिंसक घटनाएं छात्र समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। मंडी में SFI के राज्य सचिव एवं राज्य कमेटी सदस्य पर हुआ हमला, नाहन और सोलन में सामने आई घटनाएं तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और अन्य महाविद्यालयों में छात्र संगठनों के बीच हुई झड़पें इस बात की ओर ध्यान दिलाती हैं कि शैक्षणिक परिसरों में लोकतांत्रिक माहौल और छात्र सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय किसी भी संगठन की निजी जागीर नहीं हैं। प्रत्येक छात्र को अपनी विचारधारा रखने, संगठन बनाने, छात्रों की समस्याओं को उठाने और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है। किसी भी संगठन द्वारा हिंसा या धमकी के माध्यम से इन अधिकारों को दबाने की कोशिश का विरोध किया जाना चाहिए। विश्वविद्यालयों में वैचारिक मतभेदों का जवाब हिंसा से नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक बहस और तर्क से दिया जाना चाहिए।
कमल ने कहा कि SFI शिक्षा के लोकतांत्रिक, वैज्ञानिक, प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष स्वरूप की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। संगठन छात्र समुदाय के अधिकारों पर होने वाले किसी भी हमले के खिलाफ आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि मंडी की घटना में शामिल लोगों की पहचान कर निष्पक्ष जांच की जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
SFI HPU इकाई का मानना है कि शिक्षा संस्थानों में बढ़ती हिंसा का समाधान जवाबदेही सुनिश्चित करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत करने और सभी छात्र संगठनों को स्वतंत्र रूप से अपनी गतिविधियां संचालित करने का अवसर देने में है। छात्र राजनीति का उद्देश्य छात्रों के मुद्दों को उठाना और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए संघर्ष करना होना चाहिए, न कि विरोधी विचारों को डराकर दबाना।
SFI स्पष्ट करती है कि इस तरह की घटनाएं छात्र आंदोलन की आवाज को दबा नहीं सकतीं। संगठन छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों, स्वतंत्र विचार, समानता और शैक्षणिक परिसरों में भयमुक्त वातावरण की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगा।
SFI HPU इकाई की प्रमुख मांगें
17 अक्टूबर 2026 को SPU मंडी में हुई घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच की जाए। घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए साथ ही छात्र संगठनों की लोकतांत्रिक स्वतंत्रता और छात्र नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और हिमाचल प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भयमुक्त एवं लोकतांत्रिक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।

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