जानकारी के अनुसार, युवक मंदिर परिसर में आग की लपटों में घिरा जमीन पर पड़ा था। उसे जलता हुआ देखकर श्रद्धालुओं और अन्य लोगों में खलबली मच गई। लोगों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया और युवक को बचाया। इसके बाद उसे 108 एंबुलेंस के माध्यम से ज्वालामुखी अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा रेफर कर दिया।
झुलसे युवक की पहचान रामदास के रूप में हुई है, जो जहालबाड़ बस स्टैंड, वार्ड नंबर 18, राजस्थान का रहने वाला बताया जा रहा है। 108 एंबुलेंस के पायलट संजय और ईएमटी विवेक शर्मा ने युवक को अस्पताल पहुंचाया। एंबुलेंस कर्मचारियों के अनुसार, अस्पताल ले जाते समय युवक होश में था और उसने अपना नाम रामदास बताया। उसने बताया कि वह अकेले मंदिर में दर्शन करने आया था। हालांकि, घर का पूरा पता बताते समय उसकी जीभ लड़खड़ा रही थी। गंभीर रूप से झुलसे होने के बावजूद वह अपनी पहचान बताने का प्रयास कर रहा था और अस्पताल पहुंचने तक बातचीत कर रहा था।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि युवक ने खुद पर पेट्रोल छिड़का था अथवा किसी अन्य ज्वलनशील तरल पदार्थ का इस्तेमाल किया गया। साथ ही युवक ने यह कदम क्यों उठाया और इसके पीछे क्या कारण रहा, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि युवक मंदिर में अकेला आया था या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था।
एसपी देहरा संदीप धवल ने कहा कि युवक ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाल रही है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो रहा है।
गौरतलब है कि कुछ माह पहले भी ज्वालामुखी मंदिर मार्ग पर स्थित एक शिव मंदिर में एक युवक द्वारा कटर से अपना गला काटने का मामला सामने आया था, जिसमें उसकी मौत हो गई थी। अब मंदिर परिसर में युवक द्वारा कथित तौर पर खुद को आग लगाने की घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन ताजा घटना ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी ध्यान आकर्षित किया है।
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