हिमाचल कांग्रेस द्वारा लोकभवन का घेराव, राहुल गांधी की हिरासत पर भड़के सीएम सुक्खू; बोले- यह लोकतंत्र की हत्या



शिमला। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पुलिस हिरासत में लिए जाने के विरोध में हिमाचल कांग्रेस आज शिमला स्थित लोकभवन का घेराव करेगी। इस विरोध प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, कैबिनेट मंत्री, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की हिरासत का विरोध करेंगे।



मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली पुलिस द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य सांसदों को हिरासत में लिए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को हिरासत में लेना लोकतंत्र की हत्या है। यह केवल जनप्रतिनिधियों की गिरफ्तारी का मामला नहीं, बल्कि संविधान, असहमति और जनता की आवाज पर सीधा हमला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, उसे संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि जनता की आवाज बनकर खड़े होने वालों को हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह कैसी लोकतांत्रिक व्यवस्था है?


मुख्यमंत्री सुक्खू ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि आवाज दबाने से सवाल खत्म नहीं होंगे। जनता सब देख रही है और जवाबदेही तय होकर रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी सरकार ने नैतिक रूप से सत्ता में बने रहने का अधिकार खो दिया है।


दरअसल, मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस और INDIA गठबंधन की ओर से वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध में प्रदर्शन किया गया था। करीब आठ घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया था। विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया रोकने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की हिरासत के विरोध में हिमाचल कांग्रेस ने आज शिमला में लोकभवन के बाहर धरना-प्रदर्शन और घेराव का निर्णय लिया है।


पात्र मतदाताओं के नाम सूची से नहीं हटने चाहिए


कांग्रेस का मुख्य आरोप है कि वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटने का खतरा बना हुआ है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। कांग्रेस ने जोर देकर कहा है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए और चुनावी प्रक्रिया में प्रत्येक मतदाता के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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