सरकार मेजर विजय सिंह मनकोटिया के सम्मान में शाहपुर कॉलेज का नाम उनके नाम पर रखे और कांगड़ा में उनकी प्रतिमा स्थापित करे : श्रेय अवस्थी

शाहपुर। हिमाचल प्रदेश सरकार को मेजर विजय सिंह मनकोटिया के योगदान और विरासत को स्थायी सम्मान देने के लिए राजकीय महाविद्यालय शाहपुर का नाम उनके नाम पर रखना चाहिए तथा कांगड़ा जिले में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए। यह मांग शाहपुर के स्थानीय निवासी श्रेय अवस्थी ने उठाई है।

श्रेय अवस्थी ने कहा कि मेजर विजय सिंह मनकोटिया भारतीय सेना के एक वीर अधिकारी रहे, जिन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध तथा 1965 और 1971 के युद्धों में देश की सेवा की। इसके बाद उन्होंने शाहपुर की जनता का पांच बार विधायक के रूप में प्रतिनिधित्व किया और प्रदेश सरकार में मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।
उन्होंने कहा कि राजकीय महाविद्यालय शाहपुर का नाम “मेजर विजय सिंह मनकोटिया राजकीय महाविद्यालय” किया जाना चाहिए। शाहपुर में महाविद्यालय की स्थापना के लिए स्थानीय किसानों को भूमि देने के लिए तैयार करवाने में भी मेजर मनकोटिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
श्रेय अवस्थी ने कहा, “मेजर विजय सिंह मनकोटिया केवल एक वीर सैनिक ही नहीं, बल्कि शाहपुर की जनता से गहराई से जुड़े जननेता भी थे। देश की रक्षा से लेकर क्षेत्र के विकास तक उनका योगदान रहा है। ऐसे महान व्यक्तित्व का सम्मान केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे स्थायी स्वरूप दिया जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि मेजर विजय सिंह मनकोटिया के अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान न दिए जाने को लेकर पूर्व सैनिकों और प्रदेश की जनता में निराशा है। अंतिम संस्कार के दौरान प्रदेश सरकार के किसी मंत्री की उपस्थिति न होना भी दुर्भाग्यपूर्ण रहा।
उन्होंने कहा कि जो कुछ हुआ, उसे लेकर अब सरकार के पास मेजर मनकोटिया की स्मृति और योगदान को स्थायी सम्मान देने का अवसर है। सरकार को इस दिशा में ठोस निर्णय लेना चाहिए।
श्रेय अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से मिलने का समय मांगा गया है। जल्द ही शाहपुर का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा और सरकार से मांग करेगा कि 15 दिनों के भीतर राजकीय महाविद्यालय शाहपुर के नामकरण की घोषणा की जाए।
इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि कांगड़ा जिले में किसी प्रमुख एवं उपयुक्त स्थान पर मेजर विजय सिंह मनकोटिया की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके सैन्य एवं सामाजिक योगदान से प्रेरणा ले सकें।
श्रेय अवस्थी ने कहा, “जिस सैनिक ने युद्ध के मैदान में देश की रक्षा की, जिसने वर्षों तक शाहपुर की जनता का प्रतिनिधित्व किया और जिसने क्षेत्र के विकास के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उनके सम्मान के लिए अब केवल शब्द पर्याप्त नहीं हैं। सरकार को अब ठोस निर्णय लेकर उनके योगदान को स्थायी सम्मान देना चाहिए।”


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