राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने नशे, गैंगस्टरवाद और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर ‘आप’ सरकार को घेरा; विजय इंदर सिंगला की सुनियोजित तैयारियों और व्यापक जन लामबंदी ने रैली को दी मजबूती
रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पंजाब में नशे की गंभीर समस्या, गैंगस्टरवाद, बेरोजगारी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखे सवाल उठाए। कांग्रेस नेतृत्व ने पंजाब के हितों, राज्य की राजनीतिक स्वायत्तता और सरकार की दिल्ली पर कथित निर्भरता का मुद्दा भी उठाया। रैली के माध्यम से पंजाब की आकांक्षाओं और अधिकारों का प्रतिनिधित्व करने वाली, जनता के प्रति जवाबदेह सरकार की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कांग्रेस ने पंजाब में कानून-व्यवस्था बहाल करने, नशे के खात्मे, रोजगार के नए अवसर पैदा करने तथा पारदर्शी और जवाबदेह शासन देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पार्टी ने ‘पंजाबियों की सरकार, पंजाबियों के लिए’ के संकल्प को प्रमुखता से रखते हुए जनहित और जनता के प्रति जवाबदेही को अपनी राजनीतिक प्राथमिकता बताया।
रैली में उमड़ी भारी भीड़ व्यापक जन लामबंदी का प्रमाण रही। रैली स्थल खचाखच भर गया और बड़ी संख्या में कारों तथा बसों के जरिए विभिन्न क्षेत्रों से समर्थक पहुंचे। इस व्यापक लामबंदी के पीछे पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति के चेयरमैन और पूर्व कैबिनेट मंत्री विजय इंदर सिंगला की अहम भूमिका रही। उन्होंने रैली की तैयारियों के लिए वरिष्ठ पार्टी नेताओं, जिला स्तर के पदाधिकारियों और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया। उनकी सुनियोजित तैयारी और संगठनात्मक प्रयासों ने व्यापक जन लामबंदी को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के लिहाज से यह रैली पंजाब कांग्रेस के लिए एक अहम पड़ाव साबित हुई। राष्ट्रीय नेतृत्व के राजनीतिक संदेश और जमीनी स्तर पर व्यापक जन भागीदारी के संगम ने पार्टी की सामूहिक ताकत, एकजुटता और चुनावी तैयारी को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा। संगरूर की इस रैली ने पंजाब कांग्रेस को आगामी चुनावी संघर्ष के लिए नए उत्साह, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया।


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