12 से 16 सितंबर तक बढ़ेगी बारिश , सिरमौर-सोलन समेत छह जिलों में रहेगा असर

शिमला, 10 सितंबर। हिमाचल प्रदेश में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर बनी हुई हैं, लेकिन 12 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार 10 और 11 सितंबर को मौसम गतिविधि काफी कमजोर रहेगी। इस दौरान मुख्य रूप से सिरमौर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और आसपास के क्षेत्रों में दोपहर बाद और शाम के समय हल्की से मध्यम बारिश का एक दौर देखने को मिल सकता है।

उन्होंने बताया कि 12 सितंबर से प्रदेश में ईस्टरली फ्लो बढ़ेगा, जिसके चलते 12 से 16 सितंबर तक मौसम गतिविधि में बढ़ोतरी होगी। इस अवधि में सिरमौर, सोलन, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी समेत मध्य हिमाचल के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बारिश का प्रभाव विशेष तौर पर दोपहर बाद और देर शाम के समय देखने को मिलेगा। इस दौरान शिमला में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि 16 सितंबर तक प्रदेश में भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है और अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का ही दौर रहने की संभावना है। अन्य क्षेत्रों में भी इस अवधि के दौरान एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

मानसून में प्रदेश में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश

संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2026 के मानसून सीजन में 1 जून से 10 सितंबर तक प्रदेश में वास्तविक बारिश सामान्य से 11 प्रतिशत कम हुई है। हालांकि मौसम विभाग के मानकों के अनुसार यह आंकड़ा सामान्य श्रेणी में आता है। उन्होंने बताया कि किसी जिले या राज्य में बारिश का डिपार्चर माइनस 19 प्रतिशत से प्लस 19 प्रतिशत तक हो तो उसे सामान्य श्रेणी में ही गिना जाता है। ऐसे में 10 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश में मानसून की स्थिति कुल मिलाकर सामान्य के आसपास बनी हुई है।

हालांकि प्रदेश के तीन जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक कमी लाहौल-स्पीति में रही, जहां वास्तविक बारिश सामान्य से 62 प्रतिशत कम है। इसके बाद हमीरपुर में सामान्य से 32 प्रतिशत कम और मंडी में सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं शिमला में सामान्य से 11 प्रतिशत अधिक और कुल्लू में सामान्य से 7 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई है।

ऊना सबसे गर्म, जुग्गर नगर में 25 मिमी बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान सोलन, सिरमौर, कांगड़ा और मंडी जिलों के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक बारिश मंडी के जुग्गर नगर में 25 मिलीमीटर दर्ज हुई, जबकि धर्मशाला में करीब 10 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

तापमान की बात करें तो शिमला शहर में करीब 23 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। सोलन में 30 डिग्री, पालमपुर में 28 डिग्री और धर्मशाला में करीब 28 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना और मंडी में तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कल्पा, कीलॉंग और मंडी में सामान्य से अधिक तापमान

मौसम वैज्ञानिक के अनुसार प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री अधिक रिकॉर्ड किया गया है। इनमें कल्पा, कीलॉंग और मंडी के कुछ क्षेत्र शामिल हैं। आने वाले दिनों में भी इन इलाकों में तापमान इसी श्रेणी में रहने की संभावना है। हालांकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास ही रहने की उम्मीद है।

12 सितंबर से जैसे ही बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी, प्रदेश के तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। जिन क्षेत्रों में बारिश होगी, वहां तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है।

मानसून की विदाई कब होगी, इस पर अभी नजर

प्रदेश में इस बार मानसून ने 30 जून को प्रवेश किया था। अब मानसून की विदाई को लेकर प्रदेशवासियों की नजर बनी हुई है। 12 से 16 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना के बीच आने वाले दिनों में मौसम विभाग मानसून की आगे की स्थिति और विदाई को लेकर तस्वीर साफ करेगा।

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