मजीठिया ने आरोप लगाया कि पुलिस की निगरानी में अंतिम संस्कार करवाना मानवीय गरिमा का अपमान है और दावा किया कि यह सब हरपाल चीमा के निर्देश पर हुआ।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एक शोकाकुल परिवार को अपनी इच्छा के अनुसार अंतिम संस्कार करने का अधिकार क्यों नहीं दिया गया। मजीठिया ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “पंजाब कभी ऐसा नहीं था।”
उन्होंने गुलजार सिंह के परिवार को न्याय दिलाने और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। हालांकि, मजीठिया द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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