शाहाबाद। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने हरियाणा सरकार से मुख्यमंत्री किसान एवं खेतिहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना, 2013 के तहत दुर्घटना में मृत्यु एवं स्थायी अशक्तता/अंगभंग होने पर दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि में तत्काल बढ़ोतरी करने तथा योजना की 65 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा समाप्त कर लाभ आजीवन करने की मांग की है।
भाकियू (चढ़ूनी) की ओर से मुख्यमंत्री,
कृषि मंत्री, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य प्रशासक को इस संबंध में मांग-पत्र भेजा गया है।
यूनियन ने कहा कि यह योजना 1 जनवरी 2014 से लागू है। इसके बाद महंगाई, चिकित्सा खर्च और परिवार के भरण-पोषण की लागत में लगातार वृद्धि हुई है, लेकिन योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई। दुर्घटना में किसान या खेतिहर मजदूर की मृत्यु अथवा गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में परिवार पर आर्थिक संकट आ जाता है। इसलिए वर्तमान सहायता राशि को समय की परिस्थितियों के अनुसार बढ़ाना आवश्यक है।
यूनियन ने निम्न सहायता राशि निर्धारित करने की मांग की है—
* मृत्यु: ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹25 लाख
* रीढ़ की हड्डी टूटने अथवा स्थायी अशक्तता: ₹2.50 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख
* दो अंग भंग/स्थायी गंभीर चोट: ₹1.875 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख
* एक अंग भंग/स्थायी गंभीर चोट: ₹1.25 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख
* पूरी उंगली कटने पर: ₹75,000 से बढ़ाकर ₹2.50 लाख
* आंशिक उंगली भंग होने पर: ₹37,500 से बढ़ाकर ₹1.50 लाख
65 वर्ष की आयु सीमा समाप्त करने की मांग
भाकियू (चढ़ूनी) ने कहा कि किसान और खेतिहर मजदूर का काम उम्र देखकर बंद नहीं होता। ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक किसान एवं मजदूर 65 वर्ष की आयु के बाद भी खेतों में कार्य करते हैं। ऐसे में 65 वर्ष के बाद खेत में दुर्घटना होने पर योजना का लाभ न मिलना उनके साथ अन्यायपूर्ण स्थिति पैदा करता है।
यूनियन ने मांग की है कि योजना की 65 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा समाप्त कर पात्र किसान एवं खेतिहर मजदूरों को आजीवन योजना का लाभ दिया जाए।
भाकियू (चढ़ूनी) ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि किसान एवं खेतिहर मजदूर परिवारों की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन दोनों महत्वपूर्ण मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर योजना में आवश्यक संशोधन लागू किया जाए।
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