अमृतसर के झबाल रोड पर शुक्रवार रात निहंग सिंहों के धरने के दौरान हंगामा हो गया। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर एक अन्य निहंग सिंह मौके पर पहुंचा, जिसे धरने पर बैठे लोगों ने रोक लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
धरने पर बैठे निहंग सिंहों का आरोप था कि मोटरसाइकिल पर आया व्यक्ति विरोधी पक्ष की ओर से रेकी करने के लिए भेजा गया था। इसी शक के आधार पर उन्होंने उसे पकड़ लिया। घटना की सूचना मिलने पर थाना गेट हकीमा की एसएचओ मनजीत कौर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं।
एसएचओ ने मारपीट का शिकार हुए निहंग सिंह को छुड़ाने की कोशिश की। इसी दौरान निहंग सिंहों और पुलिस अधिकारी के बीच खींचतान भी हुई। बाद में पुलिस ने घायल निहंग सिंह को अपनी गाड़ी में बैठाया और थाने ले गई।
मीडिया से बातचीत में धरने पर बैठे निहंग सिंह ने आरोप लगाया कि इससे पहले उन पर हमला किया गया था और फायरिंग भी हुई थी। इसके बाद उन्होंने झबाल रोड पर धरना लगाया। उनका कहना है कि मेजर सिंह भिंडवड के साथ उनका विवाद चल रहा है और इसी विवाद के चलते विरोधी पक्ष ने रेकी के लिए एक व्यक्ति को भेजा था। निहंग सिंहों ने पुलिस पर विरोधी पक्ष के साथ मिलीभगत के आरोप लगाते हुए अपने और परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई।
वहीं, थाना गेट हकीमा की एसएचओ मनजीत कौर ने बताया कि विवाद की शुरुआत सड़क से कुछ गाड़ियों के गुजरने को लेकर हुई। धरने पर बैठे निहंग सिंह इन गाड़ियों को मेजर सिंह की बता रहे थे। पुलिस के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच पहले से भी मामूली विवाद चल रहा है।
एसएचओ ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के अनुसार गाड़ियां गुजरने के दौरान धरनाकारियों की ओर से गाली-गलौज भी की गई। धरने के कारण झबाल रोड का ट्रैफिक प्रभावित हुआ, जिसके चलते वाहनों को दूसरे रास्तों से निकाला गया। पुलिस वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर धरना खत्म करवाने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम को लेकर कार्रवाई कर रही है।
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