नई दिल्ली में सैर उत्सव का भव्य आयोजन, नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुरऔर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर विशेष रूप से रहे उपस्थित

नई दिल्ली: हिमाचल मंडी जनकल्याण सभा, दिल्ली द्वारा आज नई दिल्ली स्थित शाह ऑडिटोरियम में सैर उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली में रह रहे हिमाचली समुदाय ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक एकजुटता का परिचय दिया।

 कार्यक्रम में **हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष  जय राम ठाकुर** तथा **पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर** विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर दिल्ली में सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय **वर्ल्ड हिमाचली ऑर्गेनाइजेशन (WHO)** को हिमाचल की आन-बान और शान का प्रतीक **हिमाचली टोपी और पटका** पहनाकर विशेष रूप से स


म्मानित किया गया।


 समारोह के दौरान दिल्ली में सक्रिय विभिन्न हिमाचली सामाजिक संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम देश की राजधानी में रह रहे हिमाचली समाज को अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


 पारंपरिक मंडयाली धाम रही आकर्षण का केंद्र


 सैर उत्सव की मुख्य विशेषता **मंडी जिले के चल चौक से विशेष रूप से आए बोटियों द्वारा तैयार एवं परोसी गई पारंपरिक मंडयाली धाम** रही। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पारंपरिक हिमाचली व्यंजनों का भरपूर आनंद लिया और मंडी की समृद्ध खान-पान परंपरा का अनुभव किया।


 कार्यक्रम के दौरान हिमाचली संस्कृति से जुड़े विभिन्न **रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम** भी प्रस्तुत किए गए। लोकगीतों, लोकनृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को हिमाचली रंग से सराबोर कर दिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से नई पीढ़ी को भी हिमाचल की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का संदेश दिया गया।


 आयोजकों के अनुसार, सैर उत्सव ने दिल्ली में बसे हिमाचली समुदाय को आपसी मेल-मिलाप और सामाजिक जुड़ाव का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम के माध्यम से हिमाचली लोक संस्कृति और परंपराओं को राजधानी में जीवंत रखने का प्रयास किया गया।


 **वर्ल्ड हिमाचली ऑर्गेनाइजेशन** की ओर से अध्यक्ष **मनोज डोगरा** ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले संगठन के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया और कहा कि हिमाचली संस्कृति एवं सामाजिक एकता को बढ़ावा देने वाले ऐसे आयोजनों में सभी का सहयोग महत्वपूर्ण है।


 कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने हिमाचली संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने तथा दिल्ली में हिमाचली समुदाय के बीच सामाजिक समन्वय को मजबूत करने का संकल्प लिया।

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