बहारा विश्वविद्यालय में शिक्षा के साथ राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ जरूरी: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता


2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की अहम भूमिका, विश्वविद्यालयों में विवादों से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए

सोलन। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने बहारा विश्वविद्यालय में कहा कि विश्वविद्यालय विभिन्न संकायों के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनमें राष्ट्रभक्ति और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पिछले करीब 16 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है और यहां देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने पहुंचते हैं।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा पूरी करने के बाद समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ जाती हैं। युवाओं को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश और समाज के विकास के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है और इस महत्वपूर्ण लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका बेहद अहम होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि बहारा विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर निकलने वाले विद्यार्थी राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझेंगे और देश के विकास में योगदान देंगे।

इस दौरान सोलन स्थित डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में कुलपति और रजिस्ट्रार के बीच चल रहे तनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में इस प्रकार की परिस्थितियां नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और शैक्षणिक माहौल पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने व्यक्तिगत कारणों से इस तरह की परिस्थितियां पैदा करने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों से उचित तरीके से निपटा जाना चाहिए, ताकि विश्वविद्यालयों का माहौल बेहतर बना रहे और विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो।

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