हमीरपुर : विधायक आशीष शर्मा पर एक और एफआईआर दर्ज होने पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में राजेंद्र राणा ने कहा कि एक तरफ सरकार मंचों से जनता से अपील करती है कि विकास के लिए जमीन दान करो, और दूसरी तरफ खुद मुख्यमंत्री ही अपने परिवार की जमीन सरकार को सोने के भाव बेच रहे हैं। सवाल जमीन किसकी है ये नहीं है। सवाल ये है कि जब जनसेवक ही मोलभाव करेगा तो आम गरीब दान क्यों करेगा? क्या सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री जनसेवक से व्यापारी बन गए, जिनके मुख्यमंत्री पद संभालने के महज 20 दिन में जमीन की रजिस्ट्री हुई। मुख्यमंत्री और उनके मित्र बताएं कि क्या हिमाचल में लूट मचाने और मित्रों को लग्जरी सुविधाएं देने को मुख्यमंत्री बने हैं? राजेंद्र राणा ने तथ्यों के साथ वार करते हुए आरोप लगाया कि नादौन में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए जो जमीन सिर्फ 1.62 लाख में खरीदी गई थी, उसी को सरकार को 6.72 करोड़ में बेच दिया गया। साढ़े 3 लाख की चीज का साढ़े 6 करोड़ में सौदा हुआ, यह कैसी जनसेवा है। 769 कनाल का 73 करोड़ वाला मॉडल भी सुर्खियों में है, जहां करीब 70 हजार में खरीदी गई जमीन का सरकारी कागजों में मूल्य 73 करोड़ आंका गया और जल शक्ति विभाग ने जमीन का अधिग्रहण किया। गरीब अपनी एक मरला दान दे दे तो उसे महान बताया जाता है और यहां कनालों का हिसाब करोड़ों में किया गया। परागपुर में 2 छोटे कुओं के लिए अधिग्रहित जमीन का 18 लाख मुआवजा बंटा तथा उसमें भी आरोप है कि मुख्यमंत्री के परिवार के खातों में सीधे लाखों रुपए गए। उन्होंने पूछा कि सुक्खू पानी पिलाने के भी पैसे लेने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं क्या? अगर ऐसा है तो प्रदेश में कितने लोगों की जमीनें जल शक्ति विभाग या अन्य विकास कार्यों के लिए सरकार ने अधिग्रहित की है और कितना मुआवजा दिया है। उन्होंने कहा कि यही है इस सरकार का ट्रिपल एस मॉडल। पहले बीएनएस की धारा 353 विपक्ष पर लगती थी, अब बीएनएस में यही धारा ट्रिपल एस यानि 'सुखविंदर सिंह सुक्खू' बन गई है। भ्रष्टाचार पूछो तो एफआईआर और नाकामी गिनाओ तो भी एफआईआर ही मिलती है। उन्होंने कहा कि हिमकेयर बंद हैं और सहारा योजना बेसहारा हो गई है। बुढ़ापा पेंशन लटकी हुई है और सरकार 45 हजार करोड़ के कर्ज का हिसाब नहीं दे रही है। लेकिन अपने लोगों से झूठी शिकायत करवाकर विपक्षी नेताओं पर केस करवाना याद है। उन्होंने कहा कि सरकार के अब गिनती के दिन रह गए हैं और सरकार की बेचैनी और छटपटाहट ही इस बात को लेकर है कि चोरी पकड़ी गई है जिसका उन्हें अंजाम भी भुगतना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार अपना आपा तो खो चुकी है, लेकिन जनता ने संयम नहीं तोड़ा है। जनता की अदालत में सरकार को हर हिसाब देना होगा।
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