पड़ौल में फायरिंग में घायल पंच सत्ती पहलवान की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया न्यू चंडीगढ़ ओमेक्स जाम


नयागांव। गांव पड़ौल में वीरवार देर रात फायरिंग में गंभीर रूप से घायल हुए पंच एवं पहलवान सत्ती की शनिवार को पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही गांव में तनाव का माहौल बन गया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और न्यू चंडीगढ़ ओमेक्स रास्ता जाम कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस से जल्द से जल्द दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ फायरिंग में इस्तेमाल हथियार और वारदात में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने की मांग की थी। पुलिस ने स्थिति तनावपूर्ण होते देख अपना सर्च अभियान तेज किया और देर रात दोनों आरोपियों को मुल्लांपुर ओमेक्स के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। एसएचओ मुल्लांपुर अमन तिरखा ने गिरफ्तारी की पुष्टी की है ।

मामले में पहले हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। सत्ती की मौत के बाद पुलिस ने केस में हत्या की धारा भी जोड़ दी है। पुलिस की कई टीमों ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी, देर शाम दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

छह से सात गोलियां चलाने का आरोप

मुल्लांपुर गरीबदास पुलिस ने सत्ती के भाई मेजर सिंह की शिकायत पर गांव पड़ौल निवासी जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सू और दविंदर सिंह उर्फ जूरा के खिलाफ केस दर्ज किया था। शिकायत के मुताबिक, वीरवार देर रात सत्ती छोटी-बड़ी नग्गल मार्ग की तरफ से अपनी गाड़ी में घर लौट रहा था। घर के पास पहुंचने पर आरोपियों ने कथित तौर पर उसकी गाड़ी को घेर लिया और उस पर छह से सात गोलियां चला दीं। सत्ती के शरीर पर छह गोली लगने के निशान बताए गए थे। गंभीर हालत में पहले उसे सेक्टर-16 अस्पताल ले जाया गया, जहां से पीजीआई रेफर कर दिया गया था। शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

बेटी से छेड़छाड़ को लेकर शुरू हुआ था विवाद

पुलिस की शुरुआती जांच में वारदात के पीछे पुरानी रंजिश सामने आई है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच बेटी से छेड़छाड़ को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद गांव की पंचायत में कई बार दोनों पक्षों के बीच समझौता भी कराया गया, लेकिन रंजिश पूरी तरह खत्म नहीं हुई। पुलिस अब इस विवाद से जुड़े पुराने घटनाक्रम और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

ग्रामीण ने शाम पुलिस पर बनाया था दवाब बोले-आरोपियों के साथ हथियार और अन्य लोगों का भी पता लगाए पुलिस

रोड जाम के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों से आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद करने और अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना था कि केवल नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि आरोपियों को हथियार कहां से मिला और वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
मौके पर एसपी ग्रामीण जसपिंदर सिंह गिल और थाना मुल्लांपुर गरीबदास के एसएचओ अमन तिरखा ने ग्रामीणों से बातचीत की। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों के अलावा हथियार व अन्य पहलुओं की भी जांच के लिए अधिकारियों ने ग्रामीणों से समय देने की अपील की थी।

सीसीटीवी खंगाले, संभावित ठिकानों पर दी थी दबिश

पुलिस वारदात स्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालती गई। साथ ही यह पता लगाया गया कि फायरिंग के बाद आरोपी किस रास्ते से फरार हुए। पुलिस की टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थी।
कोट्स
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ पहले बीएनएस की धारा 109, 351(2), 351(3), 3(5) और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। सत्ती की मौत के बाद इसमें हत्या की धारा भी जोड़ दी गई है।

टिप्पणियाँ