प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजकर आठ प्रमुख मांगें रखीं। ग्रामीणों का आरोप है कि सीमा के उस पार हो रहे कथित अवैध खनन से आसपास की जमीन और जल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
सड़क, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा
प्रतिनिधिमंडल ने पल्लौडी गांव की बदहाल सड़क व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की हालत बेहद खराब है, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है।
डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि गांव के लोगों को आज भी पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि गांव की दो बस्तियों में पेयजल योजना का लाभ नहीं पहुंच रहा है।
स्कूल में शिक्षकों की कमी का मामला उठाया
बिंदल ने स्कूल भवन की खराब स्थिति का मुद्दा भी प्रशासन के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भवन की हालत चिंताजनक है और स्कूल में अध्यापकों की कमी भी एक गंभीर समस्या है।
प्रतिनिधिमंडल ने खेल मैदान में सुरक्षा दीवार नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे जल शक्ति विभाग की योजना को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
डिस्पेंसरी की हालत सुधारने की मांग
गांव की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी प्रतिनिधिमंडल ने चिंता जताई। डॉ. बिंदल ने कहा कि क्षेत्र की डिस्पेंसरी की स्थिति बेहतर किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशासन से ग्रामीणों की सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की मांग की।
डॉ. बिंदल ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते पल्लौडी गांव की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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