शिमला: संत श्री रविदास धर्म सभा के प्रदेशाध्यक्ष कर्म चंद भाटिया ने शिमला शहर में बंदरों और आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर नगर निगम शिमला की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में बंदरों और कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर वह पिछले करीब डेढ़ वर्ष से लगातार आवाज उठाते आ रहे हैं तथा नगर निगम प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार पत्राचार भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
कर्म चंद भाटिया ने कहा कि शिमला शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बंदरों और आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। इससे आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किए जाने के बावजूद यदि नगर निगम स्तर पर इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है, तो यह नगर निगम की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का प्रमुख दायित्व शहरवासियों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। ऐसे में डेढ़ वर्ष से लगातार उठाई जा रही समस्या के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होना गंभीर विषय है। उन्होंने नगर निगम शिमला के महापौर और उपमहापौर सहित सभी 34 वार्डों के पार्षदों से नैतिकता के आधार पर अपने पदों से इस्तीफा देने की मांग की।
कर्म चंद भाटिया ने कहा कि जनता ने अपने प्रतिनिधियों को शहर की समस्याओं के समाधान और नागरिकों की सुरक्षा के लिए चुना है। यदि नगर निगम इन मूलभूत समस्याओं पर भी प्रभावी कार्रवाई करने में असफल रहता है, तो जनप्रतिनिधियों को इसकी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या पर तत्काल ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की भी मांग की, ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके।
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