SIR पर सियासी घमासान तेज: कंवरपाल गुर्जर ने विपक्ष को दी चुनौती, बोले—गलत वोट कटने के सबूत पेश करें

13 करोड़ वोट कटने के दावे पर पूर्व मंत्री ने उठाए सवाल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का किया बचाव

हरियाणा/यमुनानगर । देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर समेत विभिन्न स्थानों पर विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच हरियाणा के पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने विपक्ष के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची से वोट काटे जाने के मुद्दे पर लोगों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है।

कंवरपाल गुर्जर ने विपक्ष को चुनौती दी कि यदि मतदाता सूची से गलत तरीके से वोट हटाई गई हैं, तो विपक्ष ठोस सबूतों के साथ सामने आए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए जा रहे आरोपों को भी खारिज करते हुए चुनाव आयोग का बचाव किया।

‘गलत तरीके से वोट काटी गई हैं तो सबूत दें’

पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर के अनुसार, विपक्ष 13 करोड़ वोट काटे जाने के दावे के जरिए जनता को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों में मृत व्यक्तियों और एक से अधिक बार दर्ज नामों वाले मतदाताओं के नाम भी शामिल हैं।

उन्होंने विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि वोट गलत तरीके से काटी गई हैं, तो प्रत्येक जिले से ऐसे 100 लोगों को सामने लाया जाए, जिनके नाम मतदाता सूची से अनुचित तरीके से हटाए गए हैं।

कंवरपाल गुर्जर ने दावा किया कि विपक्ष इस चुनौती को पूरा करने में विफल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की जा रही है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का किया बचाव

SIR को लेकर चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों के बीच कंवरपाल गुर्जर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष बिना ठोस आधार के चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहा है।

उनके मुताबिक, मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के समर्थन में प्रमाण सामने आने चाहिए, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

SIR पर आगे क्या होगा?

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। विपक्ष जहां इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं कंवरपाल गुर्जर जैसे भाजपा नेता इसके समर्थन में सामने आ रहे हैं।

अब निगाहें विपक्ष की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। साथ ही, यह भी महत्वपूर्ण होगा कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर क्या स्थिति सामने आती है।


 

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