विजय माल्या का दावा- ‘IDBI बैंक से ₹900 करोड़ का कर्ज लेना गलत नहीं था’, CBI और ED की कार्रवाई पर उठाए सवाल
नई दिल्ली: भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने IDBI बैंक से लिए गए करीब ₹900 करोड़ के कर्ज मामले में अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए माल्या ने कहा कि CBI ने उन पर और कुछ अन्य लोगों पर IDBI बैंक से कर्ज लेने में कथित तौर पर गलत तरीके से प्रभाव डालने का आरोप लगाया है।
माल्या ने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्होंने IDBI बैंक के तत्कालीन चेयरमैन और कार्यकारी निदेशकों से मुलाकात की थी, लेकिन इसमें किसी तरह की गलत नीयत या धोखाधड़ी का कोई सबूत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कर्ज पूरी तरह बैंक की निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी स्तरों पर मंजूर किया गया था, जिसमें IDBI बैंक बोर्ड भी शामिल था।माल्या ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कर्ज की मंजूरी प्रक्रिया में बैंक के बोर्ड की भूमिका थी, तो RBI और वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई इस प्रक्रिया पर सवाल क्यों नहीं उठाए गए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले में केवल IDBI बैंक के अधिकारियों और अपनी कंपनी Kingfisher Airlines की वित्तीय टीम को निशाना बनाया जा रहा है। माल्या ने कहा कि उनके खिलाफ मुख्य आरोप यह है कि Kingfisher Airlines की वित्तीय स्थिति इस कर्ज के लिए योग्य नहीं थी।
‘गलत तरीके से कर्ज लेने का आरोप बेबुनियाद’
विजय माल्या ने कहा कि किसी तरह की धोखाधड़ी का कोई सबूत नहीं है, जबकि उनके खिलाफ मुख्य आरोप को उन्होंने गंभीर कानूनी आरोप बताया। उन्होंने CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि कर्ज की मंजूरी में शामिल अन्य अधिकारियों और संस्थागत प्रक्रियाओं की भी जांच होनी चाहिए।
माल्या की यह टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है जब IDBI बैंक-Kingfisher Airlines ऋण मामले में उनके खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई लंबे समय से चल रही है। हालांकि, माल्या के दावों और आरोपों पर संबंधित जांच एजेंसियों का पक्ष अलग हो सकता है।
नोट: यह खबर विजय माल्या द्वारा X पर किए गए दावों पर आधारित है। उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस पोस्ट से नहीं होती।
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