कांग्रेस ने राष्ट्रगीत का अपमान किया : विपिन सिंह परमार

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन ही हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। आलम ये रहा की सत्र के पहले दिन की कार्यवाही महज़ 11 मिनट के भीतर स्थगित करनी पड़ गई। साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर राष्ट्रीय अपमान और राष्ट्रद्रोह के आरोप लगा रहे हैं। दर्शन सदन की कार्यवाही सुबह 11:00 बजे राष्ट्रगान के साथ शुरू हुई। इसके बाद विपक्ष ने सदन के भीतर वंदे मातरम गए जाने की मांग की लेकिन अध्यक्ष से अनुमति नहीं मिली। इसके बाद सदन में हंगामा हो गया। पहले सत्ता पक्ष विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर आ गया और विपक्ष पर राष्ट्रगान का आरोप लगाया। इसके बाद विपक्ष ने भी विधासभा के बाहर सत्ता पक्ष पर वन्देमातरम के अपमान का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाज़ी की। वहीं पूरे मामले पर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सदन की अपनी स्वायत्तता है और कार्यवाही नियमों और परंपराओं के तहत होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगान के साथ साथ शुरुआत और राष्ट्रगीत के साथ सत्र के समापन की परंपरा है।


वहीं, विपक्ष की ओर से भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रगीत का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रगीत को संवैधानिक रूप देते हुए एक्ट लोकसभा में पास किया गया है और देश उस एक्ट का पालन कर रहा है। सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद राष्ट्रगान के बाद राष्ट्रगीत गाने का आग्रह विधानसभा अध्यक्ष से किया गया, लेकिन अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रगीत का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की कोई जनसभा या सीडब्ल्यूसी की बैठक नहीं थी। कांग्रेस कुछ लोगों को खुश करने के लिए राष्ट्रगीत का अपमान कर रही है, जिसे भाजपा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।


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