लोकसभा सहित कई विधानमंडलों में भी सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से और समापन राष्ट्रगीत से करने की परंपरा: कुलदीप सिंह पठानिया
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन ही हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। आलम ये रहा की सत्र के पहले दिन की कार्यवाही महज़ 11 मिनट के भीतर स्थगित करनी पड़ गई। साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर राष्ट्रीय अपमान और राष्ट्रद्रोह के आरोप लगा रहे हैं। दर्शन सदन की कार्यवाही सुबह 11:00 बजे राष्ट्रगान के साथ शुरू हुई। इसके बाद विपक्ष ने सदन के भीतर वंदे मातरम गए जाने की मांग की लेकिन अध्यक्ष से अनुमति नहीं मिली। इसके बाद सदन में हंगामा हो गया। पहले सत्ता पक्ष विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर आ गया और विपक्ष पर राष्ट्रगान का आरोप लगाया। इसके बाद विपक्ष ने भी विधासभा के बाहर सत्ता पक्ष पर वन्देमातरम के अपमान का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाज़ी की। वहीं पूरे मामले पर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सदन की अपनी स्वायत्तता है और कार्यवाही नियमों और परंपराओं के तहत होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगान के साथ साथ शुरुआत और राष्ट्रगीत के साथ सत्र के समापन की परंपरा है।
इस पूरे मामले पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकसभा सहित कई विधानमंडलों में भी सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से और समापन राष्ट्रगीत से करने की परंपरा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू कर दिया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि विपक्ष आज नेता रहित था और नेता प्रतिपक्ष सदन में मौजूद नहीं थे।
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