मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सदन में राष्ट्रगान का विरोध किया


 शिमला।हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन ही हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। आलम ये रहा की सत्र के पहले दिन की कार्यवाही महज़ 11 मिनट के भीतर स्थगित करनी पड़ गई। साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर राष्ट्रीय अपमान और राष्ट्रद्रोह के आरोप लगा रहे हैं। दर्शन सदन की कार्यवाही सुबह 11:00 बजे राष्ट्रगान के साथ शुरू हुई। इसके बाद विपक्ष ने सदन के भीतर वंदे मातरम गए जाने की मांग की लेकिन अध्यक्ष से अनुमति नहीं मिली। इसके बाद सदन में हंगामा हो गया। पहले सत्ता पक्ष विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर आ गया और विपक्ष पर राष्ट्रगान का आरोप लगाया। इसके बाद विपक्ष ने भी विधासभा के बाहर सत्ता पक्ष पर वन्देमातरम के अपमान का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाज़ी की। वहीं पूरे मामले पर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सदन की अपनी स्वायत्तता है और कार्यवाही नियमों और परंपराओं के तहत होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगान के साथ साथ शुरुआत और राष्ट्रगीत के साथ सत्र के समापन की परंपरा है।



सदन के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सदन में राष्ट्रगान का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत, दोनों का सम्मान करती है। राष्ट्रगान सत्र की शुरुआत में और राष्ट्रगीत सत्र के अंत में गाया जाता है, लेकिन भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा विधानसभा की परंपराओं का सम्मान नहीं कर रही और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इथेनॉल बिल्डिंग और राम मंदिर चंदा चोरी जैसे कई मुद्दों पर घिरी हुई है। ऐसे में ध्यान भटकाने के लिए भाजपा हंगामा खड़ा कर रही है।


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