किसान मज़दूर मोर्चा की ओर से 14 सितंबर से पंजाब के 8 मंत्रियों और विधानसभा अध्यक्ष के घरों के सामने मोर्चे; किसानों-मज़दूरों की माँगें मानने की माँग
धान की फसल के लिए बिजली और खादों के संकट का तत्काल समाधान किया जाए
पंजाब : किसान मज़दूर मोर्चा (KMM) चैप्टर पंजाब की ओर से 14 सितंबर 2026 से पंजाब सरकार के 8 मंत्रियों और पंजाब विधानसभा के स्पीकर के घरों के सामने मोर्चे लगाए जा रहे हैं। इन मोर्चों के माध्यम से पंजाब के किसानों, मज़दूरों, नौजवानों और अन्य वर्गों से संबंधित अहम माँगें पंजाब सरकार के सामने रखी जाएँगी।
प्रेस को बयान जारी करते हुए किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि पंजाब सरकार को किसानों और मज़दूरों से संबंधित इन माँगों को गंभीरता से लेते हुए उनका तत्काल समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समय धान की फसल के लिए बिजली और खादों का संकट बना हुआ है, जिसका तत्काल समाधान किया जाना चाहिए।
मुख्य माँगें
1. फसलों की एम.एस.पी. पर सरकारी खरीद:
पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करे कि बासमती, मक्का, मूँग, सरसों और आलू की फसलें एम.एस.पी. से कम कीमत पर न खरीदी जाएँ और इन फसलों की एम.एस.पी. पर सरकारी खरीद की जाए।
2. किसानों-मज़दूरों की कर्ज़मुक्ति:
किसानों और मज़दूरों की संपूर्ण कर्ज़मुक्ति की जाए। आत्महत्या करने वाले किसानों और मज़दूरों के परिवारों को उचित मुआवज़ा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
3. बाढ़, भूजल और प्रदूषण का संकट:
पंजाब में बाढ़, गिरते भूजल स्तर तथा बढ़ते वायु और जल प्रदूषण के संकट को हल करने के लिए प्रभावी नीति बनाई जाए। नदी के पानी का बँटवारा राइपेरियन सिद्धांत के अनुसार किया जाए।
4. केंद्रीय कानूनों का विरोध:
बीज अधिनियम-2025, सहकारिता कानून-2026, मनरेगा को समाप्त कर केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए जी. राम. जी. कानून तथा बिजली संशोधन विधेयक-2025 को पंजाब विधानसभा में रद्द करने के लिए प्रस्ताव पारित किए जाएँ। पंजाब में प्रीपेड बिजली मीटर लगाना तुरंत बंद किया जाए।
5. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरुद्ध प्रस्ताव:
पंजाब सरकार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने की माँग को लेकर पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित करे।
6. शंभू और खनौरी मोर्चों का सामान वापस किया जाए:
शंभू और खनौरी मोर्चों से किसानों की ट्रॉलियों सहित जो भी सामान लूटा या ज़ब्त किया गया है, वह सारा सामान तुरंत वापस किया जाए।
7. आबादकारों को मालिकाना हक़:
हर प्रकार के आबादकार किसानों और मज़दूरों को उनके द्वारा खेती की जा रही जमीनों के मालिकाना हक़ दिए जाएँ।
8. आंदोलनों के दौरान दर्ज मामले रद्द किए जाएँ:
किसानों-मज़दूरों के आंदोलनों के दौरान पुलिस और रेलवे द्वारा दर्ज किए गए सभी मामले तथा पराली जलाने से संबंधित दर्ज मामले रद्द किए जाएँ। आंदोलनों के दौरान शहीद हुए किसानों-मज़दूरों के परिवारों को उचित मुआवज़ा और सरकारी नौकरी दी जाए।
9. लैंड पूलिंग और भारतमाला परियोजना:
लैंड पूलिंग नीति तुरंत वापस ली जाए और भारतमाला परियोजना के लिए किसानों की जमीनों पर जबरन कब्ज़ा करना बंद किया जाए।
10. नशे पर नियंत्रण और रोज़गार:
पंजाब में नशे पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण किया जाए और नौजवानों के लिए स्थायी तथा उचित रोज़गार के प्रबंध किए जाएँ।
11. ड्रोन के माध्यम से गाँवों की मैपिंग बंद की जाए:
पंजाब में विभिन्न ज़ोन बनाने के नाम पर निजी संस्थाओं द्वारा गाँवों की ड्रोन के माध्यम से, गाँववासियों की सहमति के बिना, की जा रही मैपिंग तुरंत बंद की जाए।
12. पाकिस्तान के साथ व्यापारिक गलियारा खोला जाए:
पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ व्यापार को बढ़ावा देने के लिए व्यापारिक गलियारा खोला जाए, ताकि पंजाब के किसानों, व्यापारियों और उद्योग को नए बाज़ार मिल सकें।
14 सितंबर से लगाए जाने वाले मोर्चों का विवरण
1. हरभजन सिंह ई.टी.ओ.
ज़िला: अमृतसर — जंडियाला
विभाग: लोक निर्माण विभाग
2. अमन अरोड़ा
ज़िला: संगरूर — सुनाम
विभाग: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी, गवर्नेंस रिफॉर्म्स/शिकायत निवारण, रोज़गार सृजन एवं प्रशिक्षण, उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन
3. लाल चंद कटारूचक
ज़िला: पठानकोट — भोआ
विभाग: खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, वन एवं वन्यजीव
4. डॉ. रवजोत सिंह
ज़िला: होशियारपुर
विभाग: संसदीय मामले, एन.आर.आई. मामले, जेल
5. गुरमीत सिंह खुड्डियाँ
ज़िला: श्री मुक्तसर साहिब
विभाग: कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन, फूड प्रोसेसिंग
6. मोहिंदर भगत
ज़िला: जालंधर
विभाग: डिफेंस सर्विसेज़ वेलफेयर, स्वतंत्रता सेनानियों का कल्याण
7. कुलतार सिंह संधवां, स्पीकर, पंजाब विधानसभा
ज़िला: फरीदकोट
8. हरदीप सिंह मुंडियाँ
ज़िला: लुधियाना
विभाग: पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन, हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट
किसान नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार को इन माँगों पर तुरंत बातचीत करके समाधान निकालना चाहिए। यदि सरकार द्वारा माँगों का उचित समाधान नहीं किया गया तो 16 सितंबर को होने वाली बैठक में अगले तीखे संघर्ष का निर्णय लिया जाएगा।
इस अवसर पर बी.के.यू. एकता आज़ाद के जसविंदर सिंह लोंगोवाल, बी.के.यू. बहिरामके के बलवंत सिंह बहिरामके, किसान मज़दूर हितकारी सभा के ओंकार सिंह पुराना भंगाला, बी.के.यू. दोआबा के मनजीत सिंह राय, बी.के.यू. क्रांतिकारी के बलदेव सिंह जीरा, बी.के.यू. भनेड़ी के गुरध्यान सिंह सियोणा, किसान मज़दूर मोर्चा के मलकीत सिंह गुलामी वाला और किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी पंजाब के सुखविंदर सिंह सभरा सहित विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जो इन मोर्चों में शामिल होंगे।
किसान मज़दूर मोर्चा चैप्टर पंजाब
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