शिमला -मानसून सीजन में 30 जून से अब तक बारिश और आपदा की घटनाओं में 205 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 299 लोग घायल हुए हैं। भारी बारिश, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण प्रदेश में बड़े पैमाने पर संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। इस दौरान 85 घर पूरी तरह और 312 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 14 दुकानें और 270 पशुशालाएं भी नष्ट हुई हैं।
सरकार के अनुसार मानसून की बारिश और आपदा से प्रदेश को अब तक करीब 1033 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इसमें सबसे अधिक क्षति लोक निर्माण विभाग को हुई है, जिसे करीब 750 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है।
वहीं, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी बारिश के साथ भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार सुबह से बारिश का दौर जारी है। जुब्बल, कोटखाई, कुफरी और छैला सहित कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो रही है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के आसपास न जाने की अपील की है।
वहीं, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी बारिश के साथ भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार सुबह से बारिश का दौर जारी है। जुब्बल, कोटखाई, कुफरी और छैला सहित कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो रही है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के आसपास न जाने की अपील की है।
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